वाराणसी। कज्जाकपुरा में बन रहे अत्यंत महत्वपूर्ण रेल ओवरब्रिज का नाम अब ‘बाबा लाट भैरव ओवरब्रिज’ होगा। वाराणसी नगर निगम की कार्यकारिणी समिति की बैठक में इस प्रस्ताव को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई। नामकरण के बाद इसके लिए अगली औपचारिक प्रक्रियाएँ भी शुरू कर दी गई हैं। शहर में पहली बार किसी प्रमुख आरओबी का नाम किसी देवता के नाम पर किया जा रहा है।
नगर निगम के जनसंपर्क अधिकारी संदीप श्रीवास्तव ने निर्णय की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कदम काशी की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक पहचान को सम्मान देने वाला है। कज्जाकपुरा आरओबी शहर के व्यस्ततम मार्गों को जोड़ता है और लंबे समय से इसके नामकरण को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चा चल रही थी। काशी के रक्षक देवता माने जाने वाले बाबा लाट भैरव के नाम पर पुल का नाम तय होने से स्थानीय नागरिकों में उत्साह देखा जा रहा है।
ओवरब्रिज का निर्माण अंतिम चरण में है और अधिकारियों के अनुसार इसे जल्द ही यातायात के लिए खोलने की तैयारी चल रही है। पुल शुरू होने के बाद कज्जाकपुरा, लहरतारा, अर्दली बाजार और मंडुवाडीह समेत आसपास के क्षेत्रों के लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी। लंबे समय से रेलवे क्रॉसिंग और भारी यातायात के कारण लोगों को जाम की समस्या झेलनी पड़ती थी, लेकिन आरओबी के शुरू होने के बाद यह समस्या काफी हद तक समाप्त हो जाएगी।
स्थानीय निवासियों, व्यापारियों और छात्रों के लिए यह ओवरब्रिज बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि आरओबी शुरू होने के बाद क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी और समय की बचत से आमजन को बड़ी राहत मिलेगी।
काशी के लोग अब ‘बाबा लाट भैरव ओवरब्रिज’ के उद्घाटन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह पुल न केवल आवागमन को सुगम बनाएगा, बल्कि काशी की सांस्कृतिक विरासत को भी नई पहचान देने का कार्य करेगा।

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