वाराणसी। जिले में खनन विभाग की कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि खनन अधिकारी कानूनी रास्ते से मिलने वाले राजस्व पर ध्यान देने के बजाय अवैध रूप से वसूली में लिप्त बताए जा रहे हैं। आरोप है कि रात के समय में भी खनन से जुड़े कामों के लिए अधिकारी से संपर्क करने पर उनका फोन नहीं उठता, न ही वे कॉल बैक करते हैं।
पीड़ितों का कहना है कि खनन कार्य से जुड़े कई आवश्यक मामलों में अनुमति या जांच के लिए फोन किया जाता है, लेकिन अधिकारी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती, जिससे जनता अत्यधिक परेशान है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह सब इसलिए किया जा रहा है ताकि अवैध खनन और वसूली का खेल बिना रोक-टोक चलता रहे।
सूत्रों के अनुसार, खनन क्षेत्र में ट्रकों, ट्रैक्टरों और बालू परिवहन में शामिल वाहनों से कथित तौर पर अवैध वसूली की जाती है, जिसकी शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। लोगों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति नियम के तहत काम करना चाहता है तब भी उसे अधिकारी से संपर्क नहीं हो पाता, जिसके कारण पूरी व्यवस्था अव्यवस्थित हो गई है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिला प्रशासन को इस मामले की गंभीरता से जांच कर कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि अवैध खनन और वसूली पर रोक लग सके तथा सही तरीके से खनन कार्य करने वाले लोगों को राहत मिल सके।

More Stories
Vasile Carare का काशी दौरा
बना देश का पहला सरकारी अस्पताल जहां शुरू हुई नॉन-सीटी रोबोटिक घुटना सर्जरी
दुबई कनेक्शन पर कानून का शिकंजा