वाराणसी में दवाओं की काला बाजारी का मामला सामने आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, शहर के कई मेडिकल स्टोर्स और थोक विक्रेताओं पर यह आरोप है कि वे आवश्यक दवाएँ बाजार से गायब कर ऊँचे दामों पर बेच रहे हैं।
हाल ही में कुछ जीवनरक्षक दवाओं — जैसे इंसुलिन, ब्लड प्रेशर और बुखार की दवाएँ — की अचानक कमी देखी गई। मरीजों और परिजनों ने शिकायत की कि सामान्य कीमतों पर दवा मिलना मुश्किल हो गया है, जबकि कुछ दुकानों पर वही दवा दोगुनी कीमत पर उपलब्ध है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई दुकानदार जानबूझकर स्टॉक छिपाकर रख रहे हैं ताकि बाद में महँगे दाम पर बेचा जा सके। सूत्रों के मुताबिक, कुछ दवा आपूर्तिकर्ता और स्टॉकिस्ट भी इस खेल में शामिल हैं।
वाराणसी जैसे बड़े शहर में दवाओं की काला बाजारी का यह मामला एक गंभीर चिंता का विषय है। इससे न केवल आम जनता की सेहत पर असर पड़ता है बल्कि प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठता है।

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