प्रतापगढ़ पुलिस ने नशे के कारोबार पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए ड्रग्स माफिया राजेश मिश्रा गैंग को कानून के शिकंजे में कस दिया है। एसपी दीपक भूकर के निर्देशन में सीओ कुंडा अमरनाथ गुप्ता और मानिकपुर थानाध्यक्ष नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में की गई छापेमारी में दो करोड़ से अधिक नकदी, एक करोड़ का गांजा और स्मैक बरामद हुआ है।
पुलिस टीम को छापे के दौरान रुपयों से भरी आलमारी और संदूक मिले। नोटों की गिनती के लिए मशीन मंगानी पड़ी, जिसकी वीडियो ग्राफी के बीच नकदी की गिनती की गई। साथ ही भारी मात्रा में नशीले पदार्थ भी बरामद किए गए।
सूत्रों के अनुसार, राजेश मिश्रा मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के दर्जनभर जिलों में नशे का नेटवर्क फैला रखा था। जेल में बंद होने के बाद उसकी पत्नी रीना मिश्रा ने तस्करी की कमान संभाल ली थी। परिवार के सदस्य — रीना मिश्रा और बेटा विनायक मिश्रा समेत कुल 5 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के मुताबिक, इससे पहले राजेश मिश्रा की तीन करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति भी कुर्क की जा चुकी है। यह कार्रवाई मानिकपुर थाना क्षेत्र के मुंदीपुर स्थित उसके पैतृक आवास पर की गई।
एसपी दीपक भूकर ने सईं कॉम्प्लेक्स में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुलासा किया कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और 90 के दशक से ड्रग्स की तस्करी में लिप्त था। पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने इस बार तस्करी के पूरे गिरोह को ध्वस्त कर दिया है।

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