गजोखर का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 11 करोड़ का अस्पताल एक डॉक्टर के भरोसे

विकासखंड पिंडरा के ग्राम सभा गजोखर में 11 करोड़ की लागत से बना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुलाई 2018 में लोकार्पण हुआ इसके लोकार्पण के शिलापट्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगीआदित्यनाथ राज्यपाल राम नाइक, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ सिंह, क्षेत्रीय विधायक डॉ अवधेश सिंह का नाम भी अंकित है। लेकिन सबसे बड़ी बात यह है। कि यह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र 30 बेड का अस्पताल है। यहां तक की इस अस्पताल में एंबुलेंस भी नहीं है यह हॉस्पिटल शोपीस बनकर रह गया है। वर्तमान में इस अस्पताल पर एक प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, एक दंत चिकित्सक, एक नर्स व एक फार्मासिस्ट पोस्ट है प्रसव स्टाफ नर्स कराती है। महिला डॉक्टर की भी नियुक्ति नहीं है। एक्सरे मशीन है लेकिन एक्सरे टेक्नीशियन की नियुक्ति नहीं है। 30 बेड का अस्पताल और यहां एक भी एंबुलेंस नहीं है। परिसर में पीने के पानी की भी व्यवस्था सुचारू रूप से नहीं है पिछले महीने एक डिलीवरी हुई थी जबकि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर नॉर्मल डिलीवरी व ऑपरेशन तक की व्यवस्था अन्य केंद्रो पर है लेकिन यहां सारी सुविधाएं नदारद हैं इस अस्पताल में ऑपरेशन रुम, प्लास्टर रुम, स्टोर रूम, आधा दर्जन एम आर रुम , दांत के डॉक्टर का कक्ष, तथा ऊपर नीचे मिलाकर कुल 30 बेड है। जांच के लिए अत्याधुनिक मशीन भी हैं लेकिन मशीन चलाने वाले की नियुक्ति नहीं है। इसके बावजूद भी अस्पताल में मरीज नहीं है कारण यह है कि बाजार से यह गांव काफी दूर है। सुविधा नदारत हैं। यहां तैनात चिकित्सा प्रभारी डॉक्टर संतोष सोनकर ने बताया कि अन्य सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों की तरह यहां भी डॉक्टर व अन्य पदों पर तैनात लोगों की नियुक्ति हो जाती तो लोगों को सुविधा बराबर मिलती। इस संदर्भ में कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष राजीव कुमार राजू राम,सहित संजय यादव, विजय चौहान, विनोद यादव, रविंद्र कुमार, जितेंद्र यादव, चंदन राम ने बताया कि अस्पताल में सुविधा न मिलने से हम ग्रामीणों को प्राइवेट हॉस्पिटल की शरण लेना पड़ता है और अनायास ही पैसा खर्च होता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अगल-बगल के गांव के लोग प्राइवेट अस्पताल पर जाने पर खर्च ज्यादा पड़ने पर लोग कर्ज भी लेने पर मजबूर

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