वाराणसी में मुस्लिम महिलाओं ने उतारी श्रीराम की आरती — दिया सौहार्द और एकता का संदेश

वाराणसी के सभाष भवन, लमही में दीपावली के पावन अवसर पर एक अनोखा दृश्य देखने को मिला, जब मुस्लिम महिला फाउंडेशन के बैनर तले सैकड़ों मुस्लिम महिलाओं ने भगवान श्रीराम की आरती उतारी और प्रेम, सौहार्द व एकता का संदेश दिया।

फाउंडेशन की अध्यक्ष नाजनीन अंसारी द्वारा लिखी गई आरती —
“रहम करने वाले हैं, वो हैं करीम, अपने श्रीराम, जय श्रीराम…”
की मधुर धुन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

महिलाओं ने श्रीराम के चरणों में फूल चढ़ाए, दीप जलाए और उनके माथे पर तिलक लगाकर यह संदेश दिया कि राम भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं और सभी धर्मों के लोग उन्हें अपने हृदय में स्थान देते हैं।

नाजनीन अंसारी ने कहा —

“हम कट्टरपंथियों के वैचारिक गुलाम नहीं। श्रीराम हमारे पूर्वज हैं, और उनकी आरती उतारना हमारे प्रेम और संस्कृति की पहचान है।”

वहीं जगतगुरु बाबा बालक दास ने कहा —

“यदि भारत को विश्वगुरु बनाना है, तो हमें एक मत होकर श्रीराम की शरण में आना होगा। यह आरती शांति, प्रेम और सौहार्द का प्रतीक है।”

पिछले 20 वर्षों से मुस्लिम महिला फाउंडेशन दीपावली पर इस आरती का आयोजन करती आ रही है — और इस वर्ष भी वाराणसी से पूरी दुनिया को प्रेम और एकता का संदेश दिया गया।

काशी से निकला यह उजाला अब दिलों की दूरी मिटाने का प्रतीक बन गया है।

About The Author

Share the News