सत्य, न्याय और धर्म की विजय का प्रतीक विजयदशमी के अवसर पर गुरुवार शाम गोरखनाथ मंदिर से गोरक्षपीठाधीश्वर की पारंपरिक विजय शोभायात्रा निकाली गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में हुई इस शोभायात्रा ने आस्था और उल्लास की नई मिसाल कायम की।
शोभायात्रा में नाथ संप्रदाय के पारंपरिक वाद्य यंत्रों – नागफनी, तुरही, नगाड़े और डमरू की धुन के साथ श्रीश्री हनुमान दल के बालकों द्वारा किए गए करतबों ने वातावरण को उत्साहपूर्ण बना दिया। रास्ते के दोनों ओर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ गोरक्षपीठाधीश्वर और मुख्यमंत्री की झलक पाने के लिए उमड़ी।
अल्पसंख्यक समाज के लोगों ने भी शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया और पुष्पवर्षा कर आस्था का संदेश दिया। उर्दू अकादमी के निवर्तमान अध्यक्ष चौधरी कैफुलवरा ने बुनकर और पसमांदा समाज की ओर से गोरक्षपीठाधीश्वर का माल्यार्पण कर अभिनंदन किया। गोरक्षपीठाधीश्वर ने सभी समाजों को आशीर्वाद और नवरात्र अनुष्ठान का प्रसाद प्रदान किया।
शोभायात्रा मानसरोवर मंदिर तक पहुंची, जहां महादेव का अभिषेक कर और श्रीराम का राजतिलक संपन्न हुआ। रामलीला के मंच पर प्रभु श्रीराम, माता जानकी, लक्ष्मण और हनुमानजी का पूजन एवं आरती भी उतारी गई। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को उजागर किया, बल्कि समाज में एकता, सांस्कृतिक विरासत और सामूहिक उत्साह का संदेश भी दिया।

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