वाराणसी कचहरी परिसर में हुई घटना ने पूरे प्रशासन और आमजन को झकझोर दिया है। कचहरी परिसर में एक दारोगा के साथ वकीलों द्वारा मारपीट के मामले ने क़ानून व्यवस्था को चुनौती दी है।
सेंट्रल बार एसोसिएशन और बनारस बार एसोसिएशन के पदाधिकारी भी इस घटना से हैरान हैं। सेंट्रल बार एसोसिएशन के महामंत्री राजेश गुप्ता ने स्पष्ट किया कि इस घटना का बार एसोसिएशन से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जो भी वकील इस घटना में दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ सख़्त कार्रवाई होनी चाहिए।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने भी इस मामले को बेहद गंभीर माना है। घटना स्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं, ताकि दोषियों को चिन्हित कर उन पर कठोर कार्रवाई की जा सके।
यह घटना साबित करती है कि कानून सबके लिए बराबर है – चाहे वह आम नागरिक हो या वकील। पुलिस बल के मनोबल को प्रभावित करने वाली किसी भी कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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