भेलूपुर थाना क्षेत्र में अधिवक्ता शिव प्रताप सिंह पर हुए कथित जानलेवा हमले ने अधिवक्ता समाज में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। इसी मुद्दे को लेकर दी सेंट्रल बार एसोसिएशन वाराणसी और दी बनारस बार एसोसिएशन ने 15 सितंबर 2025 को संयुक्त साधारण सभा की असाधारण बैठक बुलाई। यह बैठक दी सेंट्रल बार के सभागार कक्ष में हुई।
बैठक की अध्यक्षता और संचालन
बैठक की अध्यक्षता दी सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मंगलेश कुमार दुबे (एडवोकेट) ने की जबकि संचालन दी बनारस बार एसोसिएशन के महामंत्री शशांक कुमार श्रीवास्तव ने किया। इस मौके पर दोनों बार के अध्यक्ष और महामंत्री समेत अनेक वरिष्ठ अधिवक्ता उपस्थित रहे।
अधिवक्ताओं में गहरा आक्रोश
अधिवक्ताओं ने बैठक में कहा कि भेलूपुर थाने के दरोगा द्वारा अधिवक्ता शिव प्रताप सिंह पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल करना कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाता है। बार के प्रतिनिधियों ने जिला जज वाराणसी की कार्यप्रणाली पर भी अफसोस जताया और कहा कि घटना की जानकारी देने के बावजूद प्रशासनिक और मानवीय स्तर पर अपेक्षित पहल नहीं हुई।
बैठक के प्रमुख प्रस्ताव
- मुख्य न्यायमूर्ति व प्रशासनिक जज को पत्र लिखने का निर्णय – पूरे घटनाक्रम से अवगत कराने हेतु।
- दरोगा की तत्काल गिरफ्तारी की मांग – अधिवक्ता पर जानलेवा हमले के आरोपी दरोगा को तुरंत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत करने की मांग।
- 10 दिनों में कार्रवाई का ब्योरा – पहले दिए गए समय के बावजूद अभी तक कार्रवाई की जानकारी संयुक्त बार को न देने पर आपत्ति।
- न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय – आज अधिवक्ता न्यायिक कार्य से विरत रहकर जिला जज पोर्टिको में शांतिपूर्वक धरना देंगे।
अधिवक्ता समाज का स्पष्ट संदेश
संयुक्त बार ने साफ कहा कि जब तक दरोगा की गिरफ्तारी नहीं होगी और पीड़ित अधिवक्ता को न्याय नहीं मिलेगा, उनका आंदोलन जारी रहेगा। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यह केवल उनके अधिकारों का ही सवाल नहीं, बल्कि आमजन की न्याय व्यवस्था में आस्था का भी प्रश्न है।

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