वाराणसी में संकट गहराया – घाटों पर जलभराव, मोहल्लों में घुसा गंगा का पानी.

वाराणसी में गंगा एक बार फिर उफान पर है। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक गंगा का जलस्तर 70.35 मीटर पहुंच गया है, जो चेतावनी बिंदु (70.262 मीटर) से ऊपर है और यह लगातार 2.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। इस साल यह तीसरी बार है जब गंगा ने चेतावनी स्तर पार किया है। डेंजर लेवल 71.262 मीटर है और मौजूदा हालात प्रशासन और आमजन दोनों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं।

तेजी से बढ़ते पानी की वजह से घाटों का बड़ा हिस्सा जलमग्न हो चुका है। अस्सी घाट समेत कई प्रमुख घाटों पर पूजा-पाठ और स्नान की परंपराएं प्रभावित हुई हैं। बैकफ्लो के चलते अस्सी, रामेश्वर मठ, जगन्नाथ गली, संगमपुरी कॉलोनी, गंगोत्री विहार और महेश नगर जैसे इलाकों में पानी भरने लगा है। वरुणा कॉरिडोर में भी पानी घुस गया है, जिससे सलारपुर, सरैयां, नक्खीघाट और कोनिया जैसे मोहल्ले बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।

हालात बिगड़ने पर प्रशासन ने वरुणा किनारे आठ राहत शिविर सक्रिय कर दिए हैं, जिनमें अब तक 125 परिवारों के करीब 565 लोगों ने शरण ली है। एनडीआरएफ और बचाव दलों को तैनात किया गया है। प्रशासन ने लोगों से निचले इलाकों और नदियों के किनारे न जाने की अपील की है।

आशंका जताई जा रही है कि अगले 24–48 घंटों में जलस्तर और बढ़ सकता है, जिससे बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है।

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