कला बनी भक्ति की भाषा, गणेश और विश्वनाथ जी की छवियों से सजी प्रदर्शनी

वाराणसी के मंदिर चौक स्थित शिवार्चनम मंच** पर चित्रकार **विजय मूर्तिकार ने गणेश उत्सव के अवसर पर अपनी अनूठी कला को भगवान विश्वेश्वर के चरणों में समर्पित किया।

इस मौके पर उन्होंने भगवान गणेश की कई आकर्षक एवं भावपूर्ण पेंटिंग्स बनाईं। साथ ही, विश्वनाथ जी की सूक्ष्म और मार्मिक चित्रशैली प्रस्तुत कर दर्शकों के मन में भक्ति और अध्यात्म का गहरा भाव जगाया।

विजय मूर्तिकार ने अपनी कलाकृतियों में चंद रंग योजनाओं और सूक्ष्म रेखाओं का उपयोग कर ऐसी छवियाँ रचीं, जिनमें भक्ति, संस्कृति और आध्यात्मिक ऊर्जा का समन्वय स्पष्ट झलकता है।

कलाकार का कहना है— “ये चित्र केवल दृश्य नहीं, बल्कि मेरे हृदय की अभिव्यक्ति हैं। मेरी इच्छा थी कि गणेश उत्सव की भक्ति और विश्वनाथ जी के प्रति श्रद्धा चित्रों के माध्यम से व्यक्त हो।”

यह प्रदर्शनी कला और आस्था का अद्वितीय संगम बनकर श्रद्धालुओं और कला प्रेमियों के लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक चेतना का अनुभव साबित हुई।

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