वाराणसी स्थित श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में शनिवार को दिव्यता और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। मंदिर परिसर के शिवार्चन मंच पर 501 महिलाओं ने सामूहिक रूप से शिव महिम्न स्तोत्र का भव्य पाठ किया।
हाथों में श्लोक लिखे पन्ने लिए जब सभी महिलाएँ एक स्वर में स्तोत्र का पाठ करने लगीं, तो पूरा मंदिर परिसर शिवमय हो गया। वहाँ मौजूद श्रद्धालु भी भावविभोर होकर इस दिव्य पाठ में शामिल हो गए।
आयोजकों ने बताया कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को एकजुट कर भगवान शिव की महिमा का गुणगान करना था। शिव महिम्न स्तोत्र एक पारंपरिक स्तुति है जो भगवान शिव को समर्पित है और उनके गौरव, करुणा व शक्ति का सुंदर वर्णन करती है।
धन, वैभव, आयु और यश की प्राप्ति
ज्योतिषियों और विद्वानों के अनुसार, पवित्र मन और भक्ति भाव से शिव महिम्न स्तोत्र का पाठ करने से व्यक्ति भय पर विजय प्राप्त करता है। साथ ही भगवान शिव की कृपा से जीवन में धन, वैभव, आयु और यश की प्राप्ति होती है।
43 छंदों में शिव की महिमा का वर्णन
गंधर्वराज पुष्पदंत द्वारा रचित यह स्तोत्र 43 छंदों में भगवान शिव की दिव्यता, सादगी और महिमा का वर्णन करता है। माना जाता है कि इस पाठ से सभी प्रकार के संकट दूर होकर जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

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