जमीन का केस हार गया था, कमडंल में भरकर लाया था पेट्रोल~~~~
“वाराणसी में जमीन का केस हारने के बाद खुद को आग लगाने वाले बुजुर्ग की शुक्रवार देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई है। बुजुर्ग का बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा था। प्रशासन की ओर से मृतक के तीनों बेटों को सूचना दी गई है। वशिष्ठ नारायण गौड़ का शव पोस्टमॉर्टम हाउस शिवपुर भेजा गया है।
बुजुर्ग शुक्रवार दोपहर राजातालाब तहसील पहुंचा था। पेट्रोल से भरा कमंडल लेकर आया था। अचानक उसने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया था। वकील और पुलिसकर्मियों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसने माचिस जलाकर खुद को आग के हवाले कर दिया।
आग लगने के बाद वह चिल्लाते हुए इधर-उधर दौड़ने लगा। पुलिसकर्मियों और वकीलों ने कपड़ा और मिट्टी डालकर किसी तरह आग बुझाई थी, लेकिन तब तक बुजुर्ग 50 फीसदी जल चुका था
झुलसने के बाद बुजुर्ग ने कहा था कि , कहीं भी हमारा ठिकाना नहीं है। हमे न्याय नहीं मिला, तो क्या करें? हमको उन लोगों ने मारा। क्या जब जान से मार डालेंगे, तब ही कुछ प्रशासन करेगा।

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