वाराणसी नगर निगम सख़्त एक्शन मोड में: वक्फ संपत्तियों की जांच, स्ट्रीट लाइट सुधार और जनसमस्याओं पर फोकस

वाराणसी। मैदागिन स्थित टाउनहाल भवन में नगर निगम की साधारण अधिवेशन बैठक महापौर अशोक तिवारी की अध्यक्षता में संपन्न हुई, जिसमें शहर की मूलभूत समस्याओं पर गहन चर्चा हुई। बैठक का मुख्य एजेंडा वक्फ बोर्ड की संपत्तियों की जांच रहा। इस दौरान महापौर ने स्पष्ट निर्देश दिया कि नगर निगम प्रशासन एक सप्ताह के भीतर वक्फ संपत्तियों की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करे।

बैठक में खराब स्ट्रीट लाइटों का मुद्दा भी प्रमुख रहा। पार्षदों ने बताया कि हजारों लाइटें बंद पड़ी हैं और मरम्मत के बाद भी जल्दी खराब हो रही हैं। इस पर महापौर ने नाराजगी जताते हुए तत्काल मरम्मत और नई लाइट लगाने के निर्देश दिए, ताकि नागरिकों को अंधेरे की समस्या से निजात मिल सके।

साथ ही अतिक्रमण, गंदगी और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने में हो रही देरी को लेकर भी निगम प्रशासन को फटकार लगाई गई। नगर स्वास्थ्य अधिकारी ने आश्वासन दिया कि लंबित प्रमाण पत्रों को अभियान चलाकर जल्द निस्तारित किया जाएगा।

बैठक में कार्यकारिणी समिति के छह महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी पारित हुए, जिनमें एबीसी-डॉग केयर सेंटर संचालन, सारंग तालाब पर अर्बन मियावाकी फॉरेस्ट पार्क का विकास, एफएसएसएम उपविधि 2025, तंबाकू उत्पादों पर लाइसेंस शुल्क, विज्ञापन अनुज्ञा शुल्क उपविधि 2025 और यूनिटी मॉल निर्माण के लिए बाधक वृक्षों को हटाने का प्रस्ताव शामिल रहा।

महापौर अशोक तिवारी ने बैठक के अंत में अधिकारियों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि जनहित के मामलों में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मामलों को प्राथमिकता पर हल किया जाएगा, ताकि बनारस को स्वच्छ और सुरक्षित शहर बनाया जा सके।

Ashok Tiwari BJP

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