कांग्रेसियों ने भी लगाया डॉक्टर अवधेश के ऊपर आरोप
पिंडरा विधानसभा के विधायक डॉ अवधेश सिंह के बयान बाजी से कांग्रेसियों सहित अजय राय के चाहने वाले लोगों में आक्रोश देखने को मिला इसी को लेकर सियासी माहौल गर्म हो गया।
महान किसान नेता स्व. उदल की 20 वीं पुण्यतिथि 6 जुलाई को थी पर बोला गया भाषण त्रुटिपूर्ण साबित हुआ और इस पर तीखी टिप्पणियों का तूफ़ान चल पड़ा है।
डॉ. अवधेश सिंह ने पूर्व विधायक अजय राय पर तीखा हमला करते हुए कहा कि मोदी को तो मैं नहीं हरा सकता, लेकिन अजय राय राजनीति से संन्यास ले ले क्योंकि पिंडरा की जनता ने उन्हें नकार दिया।उन पर आरोप लगाया कि वे अपराधियों को संरक्षण देते हैं, और उनकी योजना से पटेल समाज के कई लोगों की हत्या भी कराई गई है।
कांग्रेस के तरफ से जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष राजीव कुमार (राजूराम) ने भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि डॉ. अवधेश सिंह के भतीजे “स्पा सेंटर/मसाज सेंटर” संचालित कर रहे थे जिसकी खबर पहले भी समाचार-पत्रों में छप चुकी है। गरीबों किसानों मजदूरों की लड़ाई लड़ने वाले उदल जी की पुण्यतिथि पर भाजपा ने जन्मदिन क्यों मनाया। और छोटे बड़े का भेदभाव रखते हुए खुद डॉ अवधेश कार्यक्रम में नहीं गए। जबकि यह कार्यक्रम भाजपा के बैनर तले रखा गया था।इससे साफ़ झलकता है कि डॉo साहब अपवाद ग्रस्त हो गए हैं ।उनकी डिग्री भी संदिग्ध है। पिंडरा की यही जनता ने डा0 अवधेश सिंह को 7 बार चुनाव हरा चुकी है। बेशर्मी की हदें पार कर चुके हैं।।
कांग्रेसी नेता राजीव ने साफ कहा अगर अजय ऊदल को अपने दादा की पुण्यतिथि और जन्मदिन में फर्क ही नहीं पता, तो वे उनके संवेदनशील बनाए हुए दार्शनिक रास्ते पर कैसे चलेंगे।
उन्होंने दावा किया कि डॉक्टर अवधेश और भाजपा सरकार पिंडरा की जनता की सोच को प्रभावित कर रहे हैं, गरीब पिछड़े सभी वर्गों की आवाज़ दबा रहे हैं। डॉ अवधेश के कार्यकाल में ही स्टेट हाईवे 98 पर बाबतपुर रेलवे क्रॉसिंग पर आरओबी को दूसरी दिशा में घूमा कर चंद लोगों को लाभ पहुंचाया गया और मंगारी बाजार के लोगों को बाजार छोड़ने पर मजबूर किया गया ऐसा सूत्र बताते हैं। चर्चाओं के अनुसार इसी आरओबी के चलते सैंकड़ों साल पुराने मंगारी बाजार से लोग पलायन कर रहे हैं। इसी तरह 400 साल पुरानी रामलीला और मेला की परंपरा जिसकी शुरुआत काशी नरेश ने की थी।उसको भी बंद करवा कर मंगारी बाजार के व्यापारियों के साथ ठीक नहीं हुआ।
“काशी द्वार” बसाने के नाम पर दर्जनों पटेल समाज के घरों को नष्ट करवा कर समाज को तोड़-फोड़ रहे हैं, जिससे बुद्धिजीवियों, पिछड़े समाज, दलितों और महिलाओं को भारी आघात पहुंचा है।
उन्होंने चेतावनी दीअगर भाजपा इसी तर्ज़ पर काम करती रही, तो 2027 में पिंडरा की जनता एक लाख वोटों से उन्हें पराजित करेगी।
2027 का चुनावी बिगुल पहले से ही बज उठा है।और पिंडरा का राजनीतिक तापमान अगले दिनों और चढ़ेगा।

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