वाराणसी के दुर्गाकुंड क्षेत्र के घसियारी टोला में देशी शराब का ठेका खोले जाने की सूचना से नाराज़ स्थानीय महिलाओं ने शुक्रवार को जोरदार प्रदर्शन किया। महिलाओं ने सीधे प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय जाने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें गुरुधाम चौराहे पर ही रोक दिया।
“जहां मंदिर हैं, वहां शराब नहीं चलेगी”
प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि यह इलाका धार्मिक दृष्टि से अति संवेदनशील है। यहां मंदिर, स्कूल और बच्चों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे स्थान पर शराब का ठेका सामाजिक, सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों के विरुद्ध है।
प्रशासन ने रोका मार्च, फिर की बातचीत
सूचना मिलते ही भेलुपुर एसीपी गौरव कुमार, भेलुपुर और चितईपुर थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे। पुलिस ने महिलाओं को शांत कराने की कोशिश की, लेकिन महिलाएं ठेका हटवाने की मांग पर अडिग रहीं।
महिलाओं ने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन ने इस मांग को अनदेखा किया तो वे बड़ा आंदोलन करेंगी।
विधायक से मुलाकात, DM से समाधान का भरोसा
प्रदर्शन कर रही महिलाओं का एक प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री संसदीय कार्यालय पहुंचा और दक्षिणी विधायक नीलकंठ तिवारी से मुलाकात कर उन्हें स्थिति से अवगत कराया।
विधायक ने तत्परता दिखाते हुए जिलाधिकारी से बात कर मामले का शीघ्र समाधान कराने का आश्वासन दिया।
प्रशासनिक पहल की उम्मीद
स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि प्रशासन क्षेत्र की धार्मिक गरिमा और जन भावना का सम्मान करते हुए ठेके की प्रक्रिया को रद्द करेगा और ऐसा कोई निर्णय नहीं लेगा जो सामाजिक ढांचे को प्रभावित करे।

More Stories
Vasile Carare का काशी दौरा
बना देश का पहला सरकारी अस्पताल जहां शुरू हुई नॉन-सीटी रोबोटिक घुटना सर्जरी
दुबई कनेक्शन पर कानून का शिकंजा