वाराणसी। चैत्र नवरात्र के सप्तमी दिवस पर काशी नगरी में आस्था, परंपरा और भक्ति का अलौकिक दृश्य देखने को मिला। इस पावन अवसर पर काशी विश्वनाथ धाम में बाबा विश्वेश्वर के दर्शन के उपरांत मां भवानी गौरी के लिए तैयार किए गए वस्त्र एवं श्रृंगार सामग्री को विधि-विधान से शक्तिपीठ मां विशालाक्षी को अर्पित किया गया।
परंपरागत मान्यताओं के अनुसार, पहले इन पूजन सामग्रियों को बाबा विश्वेश्वर से “अवलोकित” कराया गया, जिसके बाद मंदिर के विद्वान शास्त्रियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ माता विशालाक्षी को अर्पण की प्रक्रिया संपन्न कराई। इस अनुष्ठान में भक्तों की गहरी श्रद्धा और धार्मिक भावनाओं का विशेष संचार देखने को मिला।
मंदिर प्रशासन ने बताया कि नवरात्र के शेष दिनों में भी मां गौरी के विभिन्न स्वरूपों को समर्पित तिथियों पर इसी प्रकार प्रतिदिन वस्त्र एवं श्रृंगार अर्पित किए जाएंगे, जिससे सनातन परंपरा का निर्वहन निरंतर जारी रहेगा।
काशी में आयोजित यह धार्मिक आयोजन न केवल प्राचीन परंपराओं को जीवंत बनाए हुए है, बल्कि नई पीढ़ी को भी संस्कृति और श्रद्धा से जोड़ने का सशक्त माध्यम बन रहा है।

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