वाराणसी। शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। अब एलपीजी सिलेंडर की झंझट और बार-बार बुकिंग की परेशानी से छुटकारा मिलने जा रहा है। वाराणसी में घर-घर पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पहुंचाने की योजना को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
मंडलायुक्त सभागार में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में कमिश्नर एस. राजलिंगम और गेल (GAIL) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एच.के. गर्ग ने बताया कि शहर में PNG नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जा रहा है, जिससे आम लोगों को सस्ती और सुविधाजनक गैस उपलब्ध होगी।
अब तक की प्रगति
अधिकारियों के अनुसार वाराणसी में अब तक 1.23 लाख से अधिक घरों में PNG कनेक्शन दिए जा चुके हैं, जिनमें से लगभग 70 हजार घरों में इसका नियमित उपयोग हो रहा है। शहर में 1442 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, जिससे अधिक से अधिक क्षेत्रों को कवर किया जा सके।
PNG की खासियत
PNG गैस के इस्तेमाल से उपभोक्ताओं को कई तरह के लाभ मिलेंगे। गैस खत्म होने की चिंता नहीं रहेगी और सिलेंडर बुकिंग का झंझट भी खत्म हो जाएगा। यह एलपीजी की तुलना में सस्ती है और उपभोक्ताओं को मीटर के आधार पर बिल देना होगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहेगी।
खर्च और शुल्क
गेल के अनुसार PNG कनेक्शन के लिए कोई रजिस्ट्रेशन फीस नहीं ली जा रही है। पहले बिल में ₹500 जोड़े जाएंगे, जबकि मात्र ₹1 मासिक सर्विस चार्ज देना होगा। गैस की दर ₹47 प्रति क्यूबिक मीटर निर्धारित की गई है।
नई योजना और विस्तार
अब उन इलाकों में तेजी से कनेक्शन दिए जाएंगे, जहां पहले से पाइपलाइन बिछी हुई है। साथ ही मांग के आधार पर नए क्षेत्रों में भी नेटवर्क का विस्तार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस सुविधा का लाभ मिल सके।
QR कोड से आसान कनेक्शन
गेल द्वारा कनेक्शन प्रक्रिया को और सरल बनाते हुए QR कोड जारी किया गया है। उपभोक्ता QR कोड स्कैन कर आवेदन और भुगतान कर सकते हैं। यदि क्षेत्र में पाइपलाइन उपलब्ध है, तो 24 घंटे के भीतर कनेक्शन शुरू कर दिया जाएगा।
कमिश्नर एस. राजलिंगम ने स्पष्ट किया कि वाराणसी में गैस की कोई कमी नहीं है और 100 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
(रॉयल शाइन टाइम्स)

More Stories
नगर आयुक्त का औचक निरीक्षण: पारदर्शिता और समयबद्ध कार्य के सख्त निर्देश
काशी विश्वनाथ मंदिर में ‘सुगम दर्शन’ के नाम पर ठगी का खुलासा
काशी में नवरात्र सप्तमी पर भक्ति का अद्भुत संगम, माता विशालाक्षी को अर्पित हुआ विशेष श्रृंगार