पिंडरा।
फूलपुर थाना क्षेत्र के करखिंयाव गांव निवासी एवं पूर्व प्रधान विक्रमादित्य सिंह (76 वर्ष) का ब्रेन स्ट्रोक के चलते शनिवार को निधन हो गया। उनके निधन की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विक्रमादित्य सिंह पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे। बुधवार सुबह अचानक उन्हें ब्रेन स्ट्रोक आया, जिसके बाद परिजन उन्हें तत्काल भोजूबीर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराए। जहां उपचार के दौरान गुरुवार दोपहर उन्होंने अंतिम सांस ली।
विक्रमादित्य सिंह एक लोकप्रिय और सक्रिय जनप्रतिनिधि रहे। वे प्राचीन रामलीला समिति के अध्यक्ष भी थे। साथ ही काशी विद्यापीठ के प्रथम छात्रसंघ अध्यक्ष के रूप में उन्होंने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और समाजवादी नेता डॉ. राममनोहर लोहिया के साथ भी सक्रिय राजनीति में जुड़े रहे।
उन्होंने करखिंयाव ग्राम पंचायत का पांच बार प्रतिनिधित्व किया। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने गांव के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसमें चिकित्सालय, पशु अस्पताल तथा यूपीएसआईडीसी की स्थापना में उनकी सक्रिय भूमिका रही। उनके माता-पिता स्वतंत्रता सेनानी थे, जिससे उन्हें समाज सेवा की प्रेरणा मिली।
परिवार में उनकी पत्नी तेरसा देवी हैं। उनके कोई संतान नहीं है।
निधन की सूचना मिलते ही उनके आवास पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार एवं ग्रामीणों का तांता लग गया। सभी ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।

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