वाराणसी।
वाराणसी के सिंधोरा थाना क्षेत्र की जनता इन दिनों थाना पुलिस की कार्यप्रणाली से बेहद परेशान और त्रस्त नजर आ रही है। क्षेत्र के लोगों का आरोप है कि सिंधोरा थाना और सिंधोरा चौकी पर न्याय से ज्यादा लेनदेन को प्राथमिकता दी जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी गांव का मामला थाने पर पहुंचने के बाद सबसे पहले यह देखा जाता है कि कौन पक्ष कितना पैसा देने में सक्षम है, उसके बाद ही कार्रवाई तय की जाती है।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि पीड़ित व्यक्ति गरीब है और पैसे देने में असमर्थ है तो उसे न्याय मिलना लगभग असंभव हो जाता है। फरियादी अपने आवेदन लेकर थाने के चक्कर काटते रहते हैं और यह चिंता बनी रहती है कि उन्हें न्याय मिलेगा भी या नहीं।
क्षेत्र की जनता का यह भी आरोप है कि सिंधोरा थाना पुलिस कई बार गांवों से बेगुनाह लोगों को पकड़कर थाने ले आती है और उन्हें घंटों या कई बार एक-दो दिन तक बैठाए रखती है। बाद में उनसे कथित रूप से पैसे लेकर छोड़ दिया जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यह सिलसिला लगातार चल रहा है, जिससे लोगों में पुलिस के प्रति आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों ने होली से एक दिन पहले की एक घटना का भी जिक्र किया। आरोप है कि सिंधोरा चौकी इंचार्ज ने एक बेगुनाह व्यक्ति को पकड़कर थाने में बैठा लिया था और होली के दिन शाम तक भी उसे नहीं छोड़ा गया। जब उसके परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में सिंधोरा चौराहे पर जुटने लगे और मामला गर्म होने लगा, तब पुलिस ने स्थिति को देखते हुए उस व्यक्ति को छोड़ दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि इस दौरान चौकी इंचार्ज द्वारा पैसे की मांग की जा रही थी।
क्षेत्र के कुछ लोगों का कहना है कि सिंधोरा थाना क्षेत्र में अगर कोई व्यक्ति पैसे वाला है तो उसके गैरकानूनी कामों में भी पुलिस की कथित रूप से मदद मिल जाती है, जबकि गरीब और कमजोर लोगों को बेवजह परेशान किया जाता है।
ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि रोजाना कई लोगों को बेवजह पकड़कर थाने लाया जाता है और बाद में लेनदेन के बाद छोड़ दिया जाता है। इस पूरे मामले को लेकर लोगों में गहरी नाराजगी है और वे जानना चाहते हैं कि आखिर सिंधोरा थाने की इस कार्यप्रणाली के लिए जिम्मेदार कौन है।
सूत्रों के अनुसार हाल ही में मझवा, घोघरी, गढ़खड़ा और दशरथपुर गांवों से भी कुछ लोगों को थाने लाकर बैठाया गया था और अगले दिन उन्हें छोड़ दिया गया।
क्षेत्र की जनता ने गोमती जोन के उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले को गंभीरता से संज्ञान में लेकर जांच कराने और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
— रॉयल शाइन टाइम्स

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