वाराणसी। Varanasi के Rajatalab थाना क्षेत्र में भाजपा मंडल उपाध्यक्ष रवि सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर के बाद स्थानीय राजनीति गरमा गई है। पुलिस कार्रवाई के विरोध में कई भाजपा कार्यकर्ता राजातालाब थाने पहुंचे और एसीपी से मुलाकात कर निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग की। इस दौरान सेवापुरी विधायक प्रतिनिधि अदिति पटेल भी मौजूद रहीं।
क्या है पूरा मामला?
घटना 20 फरवरी की बताई जा रही है, जब कोइलिपुल के पास एक एंबुलेंस की टक्कर में 42 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी। दुर्घटना के बाद अस्पताल में पंचायतनामा की कार्रवाई के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और वहां अफरा-तफरी की स्थिति उत्पन्न हो गई।
पुलिस के अनुसार, सरकारी कार्य में बाधा डालने, अव्यवस्था फैलाने और अभद्रता से संबंधित धाराओं में करीब एक दर्जन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। दर्ज एफआईआर में रवि सिंह का नाम भी शामिल है। उन पर डॉक्टर को कथित रूप से रोकने, पुलिसकर्मियों से अभद्र व्यवहार करने तथा सरकारी कार्य में व्यवधान डालने के आरोप लगाए गए हैं।
कार्यकर्ताओं ने रखा पक्ष
भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि रवि सिंह एक जिम्मेदार पदाधिकारी हैं और वे मौके पर हालात को शांत कराने के उद्देश्य से पहुंचे थे। उनका आरोप है कि बिना समुचित सत्यापन के उनका नाम एफआईआर में शामिल कर लिया गया, जिससे उनकी छवि धूमिल हो सकती है।
कार्यकर्ताओं ने एसीपी से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक दोषियों की पहचान की जाए।
पुलिस का बयान
एसीपी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि जांच निष्पक्ष और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं होगी और तथ्यों के आधार पर ही आगे की विधिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाएं तेज हैं। अब सबकी नजर पुलिस जांच की दिशा और संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई है।
— संवाददाता, रॉयल शाइन टाइम्स

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