पिंडरा (वाराणसी)। पिंडरा नट समुदाय संघर्ष समिति, बेलवा द्वारा 5 फरवरी 2026 को पिंडरा क्षेत्र के चनौली गांव में आयोजित किसान पंचायत के दौरान कथित पुलिस एवं प्रशासनिक कार्रवाई के खिलाफ में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है।
समिति का आरोप है कि पंचायत से पूर्व ही प्रशासन ने नौ थानों की पुलिस फोर्स, पीएसी और आरएएफ की भारी तैनाती कर दी थी। शिकायत के अनुसार कृषक नेता राम सिंह पटेल, लक्ष्मण मौर्य, राहुल कुमार, भाकपा नेता श्यामलाल पटेल, दिनेश पटेल, रामजग सहित कई किसान नेताओं को बिना विधिक आधार के नजरबंद किया गया।
ग्रामीणों का कहना है कि महिलाओं को घरों से बाहर निकलने से रोका गया, बाजार जाने पर पाबंदी लगाई गई तथा पूरे गांव में दिनभर अघोषित कर्फ्यू जैसी स्थिति बनी रही।
घटना के समय एडीएम पिंडरा प्रतिभा मिश्रा, एडीसीपी गोमती जोन वैभव बांगर, एडीसीपी वरुण जोन नीतू कादयान, एसपी प्रतीक कुमार सहित नौ थानों के थाना प्रभारी मौके पर मौजूद थे।
समिति के सदस्य प्रेम नट ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण किसान पंचायत पर इस प्रकार की कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने इसे मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन बताते हुए निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि किसानों और ग्रामीणों के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया तथा उन्हें अनुचित रूप से हिरासत में रखा गया। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ितों को न्याय नहीं मिला तो वे कानूनी और लोकतांत्रिक तरीकों से आंदोलन जारी रखेंगे।
अब देखना यह होगा कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग इस प्रकरण पर क्या संज्ञान लेता है और जांच की प्रक्रिया किस दिशा में आगे बढ़ती है।
— रॉयल शाइन टाइम्स

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