‘क्लीन वाराणसी’ का मंत्र: स्वच्छता सर्वेक्षण में काशी को टॉप पर पहुंचाने का संकल्प

वाराणसी। प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र काशी को स्वच्छता सर्वेक्षण की राष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष स्थान दिलाने के लिए शासन और प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में उत्तर प्रदेश के ऊर्जा एवं नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने पार्षदों के साथ संवाद करते हुए स्पष्ट कहा कि बेहतर रैंकिंग केवल कागजी उपलब्धियों से नहीं, बल्कि जनसहभागिता से मिलेगी।

मंत्री ने बताया कि पिछली बार ‘सोर्स सेग्रिगेशन’ (कूड़ा पृथकीकरण) में केवल 63 प्रतिशत अंक मिलने के कारण वाराणसी 17वें स्थान पर रहा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को लेकर प्रधानमंत्री सदैव सजग रहते हैं और काशी को स्वच्छता की मिसाल बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

डोर-टू-डोर कूड़ा पृथकीकरण और जनसंवाद पर विशेष जोर

मंत्री ने निर्देश दिया कि पार्षद प्रतिदिन अपने-अपने वार्ड में जनसंवाद करें और लोगों को गीला व सूखा कूड़ा अलग रखने के लिए प्रेरित करें। स्कूलों और कॉलेजों में जाकर विद्यार्थियों को इस अभियान से जोड़ने की अपील भी की गई। बाजारों में दुकानदारों के लिए डस्टबिन अनिवार्य करने और सफाईकर्मियों की भौतिक उपस्थिति की नियमित जांच के निर्देश दिए गए।

बरसात से पहले खत्म होंगे 250 गार्बेज पॉइंट

शहरी सौंदर्यीकरण पर सख्त रुख अपनाते हुए मंत्री ने नगर आयुक्त को निर्देश दिए कि बरसात से पहले शहर के सभी 250 गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स (GVP) समाप्त कर वहां सौंदर्यीकरण कराया जाए। सड़कों और गलियों से पत्थर-ईंट के टुकड़े हटाने तथा कच्ची पटरियों पर इंटरलॉकिंग कराने को भी कहा गया। खतरनाक लटके बिजली तारों की सूचना तत्काल देने के निर्देश पार्षदों को दिए गए।

पार्षदों ने उठाईं समस्याएं, समाधान के निर्देश

संवाद में पार्षद अजय चौधरी, इर्देश कुमार और अभय कुमार पांडेय ने डस्टबिन, नियमित कूड़ा उठान और जल-निकासी जैसी समस्याएं रखीं। पार्षद पुष्पा यादव और श्याम आसरे मौर्य ने महापौर की कार्यशैली की सराहना की। मंत्री ने नगर निगम प्रशासन को समन्वय के साथ त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए।

नई कार्ययोजना और आधुनिक संयंत्रों की तैयारी

नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने प्रेजेंटेशन के जरिए बताया कि 22 बड़े कूड़ा घर हटाए जा चुके हैं और शेष पांच जल्द समाप्त होंगे। नए 25 वार्डों में भी होली तक डोर-टू-डोर कूड़ा उठान शुरू हो जाएगा। प्लास्टिक कचरे के लिए एमआरएफ सेंटर, बायोमेडिकल वेस्ट के लिए रमना में विशेष प्लांट, ई-वेस्ट मैनेजमेंट और ‘वेस्ट टू वंडर’ पार्क जैसे नवाचारों से काशी को आधुनिक और स्वच्छ शहर बनाने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है।

बैठक में महापौर अशोक कुमार तिवारी सहित जलकल और जल निगम के अधिकारियों ने भी शहर की रैंकिंग सुधारने का संकल्प लिया।

(रॉयल शाइन टाइम्स)

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