91% कार्य पूर्ण, 15 मार्च तक रथयात्रा स्टेशन तैयार करने का लक्ष्य

वाराणसी। शहर की बहुप्रतीक्षित काशी रोपवे परियोजना अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने निर्माणाधीन कार्यों का औचक निरीक्षण कर भौतिक प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को गुणवत्ता व समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान रथयात्रा स्टेशन पर सिविल एवं फिनिशिंग कार्यों का जायजा लिया गया। साथ ही रोपवे के सुरक्षित एवं सुचारु संचालन की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।


🔹 3.85 किमी लंबा रोपवे, 15 मिनट में सफर पूरा

(एनएचएलएमएल) के अभियंताओं के अनुसार यह रोपवे परियोजना 3.85 किलोमीटर लंबी है, जो वाराणसी कैंट स्टेशन को गोदौलिया चौक से जोड़ेगी।

  • अधिकतम क्षमता: 3,000 यात्री
  • प्रतिदिन संचालन: 16 घंटे
  • कुल यात्रा समय: लगभग 15 मिनट
  • वर्तमान भौतिक प्रगति: 91.40%

यह परियोजना शहर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में यातायात दबाव कम करने में अहम भूमिका निभाएगी।


🔹 सुरक्षा और यात्री सुविधाओं पर विशेष फोकस

जिलाधिकारी ने स्टेशन परिसर में प्रवेश-निकास व्यवस्था, यात्री आवागमन और सुरक्षा प्रबंधों की विस्तृत समीक्षा की।

सुरक्षा व्यवस्था के तहत—

  • डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD)
  • हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर (HMD)
  • टर्नस्टाइल गेट

के माध्यम से नियंत्रित प्रवेश-निकास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

इसके अतिरिक्त फूड कोर्ट, वाणिज्यिक परिसर, पार्किंग सुविधाएं और भविष्य में चार पहिया वाहनों की पार्किंग संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। स्टेशन पर स्थापित 120 किलोवाट क्षमता के सौर पैनल हरित ऊर्जा को बढ़ावा देंगे।


🔹 15 मार्च 2026 तक फिनिशिंग कार्य पूरा करने का लक्ष्य

रथयात्रा स्टेशन को अंतिम रूप देने का लक्ष्य 15 मार्च 2026 निर्धारित किया गया है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता मानकों के अनुरूप और तय समयसीमा में पूर्ण हों।

गोंडोला संचालन, यात्रियों के चढ़ने-उतरने की प्रक्रिया और परिचालन प्रबंधन की भी विस्तृत समीक्षा की गई।


काशी रोपवे परियोजना के पूर्ण होने से वाराणसी को आधुनिक शहरी परिवहन की नई पहचान मिलेगी और शहरवासियों के साथ-साथ पर्यटकों को भी बड़ी राहत मिलेगी।

— रॉयल शाइन टाइम्स

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