पिंडरा।
काशी द्वार को लेकर प्रस्तावित किसानों की पंचायत से पूर्व रात्रि में पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए किसानों ने मंगलवार को पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। किसानों का आरोप है कि पंचायत से पहले गांव में पुलिस द्वारा डराने–धमकाने की कार्रवाई की गई तथा पंचायत के लिए बनाए गए नाश्ते में मिट्टी मिलाई गई।
संयुक्त किसान मजदूर मोर्चा एवं किसान न्याय मोर्चा के बैनर तले पहुंचे किसानों ने बताया कि नाश्ते के लिए तैयार बुनिया और आटे में मिट्टी व गोबर मिलाया गया, साथ ही मौके पर रखे गए लगभग 50 हजार रुपये मूल्य के बर्तन भी उठा ले जाए गए। इस घटना को लेकर गांव की महिलाओं में भी खासा आक्रोश देखने को मिला, जिन्होंने बर्तन ले जाने के विरोध में आवाज़ उठाई।
किसानों का यह भी आरोप है कि पंचायत में शामिल न होने को लेकर उन्हें धमकियां दी गईं। किसानों ने पूरे मामले की न्यायिक जांच कराए जाने की मांग की। इस संबंध में किसानों द्वारा पुलिस कमिश्नर को चार सूत्रीय मांगों से संबंधित शिकायती पत्र भी सौंपा गया।
किसान न्याय मोर्चा के संयोजक महेंद्र सिंह यादव एवं फतेहनारायण सिंह के नेतृत्व में दर्जनों किसान इस दौरान मौजूद रहे और पुलिसिया उत्पीड़न पर कड़ी नाराज़गी जताई।

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