पिंडरा।
केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा (सीटेट) में कूटचित दस्तावेजों के सहारे देवरानी के स्थान पर परीक्षा देने पहुँची जेठानी के मामले में पुलिस ने सोमवार को दोनों महिलाओं को जेल भेज दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, परीक्षा केंद्र सुभाष चंद्र महाविद्यालय, चकरमा में आयोजित सीटेट परीक्षा के दौरान अंजू यादव अपनी देवरानी अर्चना यादव के स्थान पर परीक्षा दे रही थी। संदेह उस समय गहराया जब अंजू यादव का बायोमेट्रिक मिलान तीन बार प्रयास के बावजूद सफल नहीं हो पाया। इस पर केंद्र व्यवस्थापक ने तत्काल पुलिस को सूचना दी और अंजू यादव को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
पुलिस ने आगे की कार्रवाई करते हुए सोमवार सुबह दूसरी अभियुक्ता अर्चना यादव, पत्नी परमानंद यादव को उसके आवास पहलवानपुर, आजमगढ़ से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
थाना प्रभारी ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि केंद्र व्यवस्थापक डॉ. राजेश कुमार की तहरीर पर दोनों अभियुक्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 319, 336(2), 336(3), 61(2) बीएनएस तथा उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम, 2024 की धारा 8(3) और 13(4) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
पूछताछ में देवरानी अर्चना यादव ने स्वीकार किया कि वह पढ़ाई में कमजोर थी और अध्यापक बनने की लालच में उसने अपनी जेठानी से संपर्क कर अपने स्थान पर परीक्षा दिलाने की साजिश रची। इसके लिए आधार कार्ड में फोटो एडिट कर कूटचित दस्तावेज तैयार किया गया था, लेकिन परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक जांच के दौरान पूरा मामला उजागर हो गया।
पुलिस मामले की आगे की जांच में जुटी है।

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