वाराणसी/लखनऊ। ने पर स्थित की मूर्ति को सौंदर्यीकरण के नाम पर खंडित किए जाने के आरोपों को गंभीर बताते हुए जांच के लिए प्रतिनिधिमंडल भेजने का फैसला किया है। पार्टी ने इसे देश की सभ्यता, संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत पर चोट करार दिया है।
पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष द्वारा जारी कार्यालय-ज्ञाप के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देश पर समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल 25 जनवरी 2026 को पहुंचेगा। दल घाट पर जाकर पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेगा और अपनी रिपोर्ट प्रदेश कार्यालय में प्रस्तुत करेगा।
सांस्कृतिक धरोहर से छेड़छाड़ का आरोप
समाजवादी पार्टी का कहना है कि राजमाता अहिल्याबाई होल्कर भारतीय संस्कृति और सभ्यता की प्रतीक हैं। काशी में कई घाटों और मंदिरों के उनके द्वारा कराए गए जीर्णोद्धार को देखते हुए, उनकी मूर्ति को क्षतिग्रस्त किया जाना गंभीर सांस्कृतिक क्षति है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।
प्रतिनिधिमंडल में सांसद से लेकर पूर्व मंत्री तक
वाराणसी पहुंचने वाले प्रतिनिधिमंडल में शामिल होंगे—
- (महानगर अध्यक्ष)
- (जिलाध्यक्ष)
- (सांसद)
- (सांसद)
- (सांसद)
- (एमएलसी)
- (पूर्व मंत्री)
- (पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष, सुल्तानपुर)
- (पूर्व विधानसभा प्रत्याशी)
- (राज्य कार्यकारिणी सदस्य)
- (विधानसभा अध्यक्ष)
रिपोर्ट के आधार पर अगला कदम
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल की रिपोर्ट के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। समाजवादी पार्टी ने दोहराया है कि ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
रॉयल शाइन टाइम्स

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