वाराणसी। सरहरी गांव (लोहता थाना) में रविवार सुबह कब्र खोदने को लेकर दो समुदाय आमने-सामने आ गए। कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बनी, लेकिन सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रण में ले लिया।
जानकारी के अनुसार, सरहरी गांव निवासी अब्दुल शाहिद अली शाह का 17 जनवरी की सुबह भोजन करते समय अचानक बीपी बढ़ने से निधन हो गया था। मृतक पेशे से टेलर थे। परिजनों के अनुसार, रिश्तेदारों के पहुंचने के बाद रविवार को शव के सुपुर्द-ए-खाक की तैयारी शुरू हुई। इसी दौरान घर से करीब 100 मीटर दूर, आबादी के बीच स्थित खाली जमीन पर कब्र खोदने का कार्य शुरू किया गया।
कब्र खोदे जाने की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों ने आपत्ति जताई। देखते-देखते दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाकर शांति बनाए रखने का प्रयास किया।
घटना की सूचना पर संजीव कुमार शर्मा के नेतृत्व में रोहनिया, मंडुआडीह और लोहता थानों की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात रही। सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करते हुए स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखा गया।
गांव के प्रधान राजेंद्र पटेल और भाजपा पिछड़ा मोर्चा के महामंत्री भानू शंकर पटेल ने बताया कि मृतक मूल रूप से रामपुर (भदोही) के निवासी थे और पिछले कुछ वर्षों से सरहरी गांव में मकान बनवाकर रह रहे थे। जिस स्थान पर कब्र खोदी जा रही थी, वह नवीन परती भूमि है और आबादी क्षेत्र में आती है।
पुलिस व स्थानीय प्रशासन की पहल पर परिजनों को गांव के पास स्थित एक कब्रिस्तान में स्थान उपलब्ध कराया गया, जिस पर परिजन सहमत हो गए। इसके बाद शव को वहीं सुपुर्द-ए-खाक करने का निर्णय लिया गया। एहतियातन विवाद वाले स्थान पर पुलिस बल की तैनाती जारी है।
रॉयल शाइन टाइम्स

More Stories
वार्षिकोत्सव में निपुण व मेधावी छात्र हुए सम्मानित
मीरजापुर में वन्यजीव तस्करी का भंडाफोड़
योगी सरकार का बड़ा फैसला: सभी कैंटोनमेंट अस्पतालों में मिलेगा आयुष्मान योजना का लाभ