पिंडरा (वाराणसी)। फूलपुर थाना क्षेत्र स्थित में बुधवार को चकिंदर, बेलवा, औरांव व विक्रमपुर गांवों से आईं विमुक्त, घुमंतु, अर्ध-घुमंतु, मुसहर, नट एवं दलित समुदाय की महिलाओं ने अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर सामूहिक रूप से एसडीएम पिंडरा को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के माध्यम से चकिंदर गांव के 10 परिवारों ने घरौनी, औरांव के 5 परिवारों ने घरौनी के लिए आवेदन दिया। वहीं बेलवा गांव के 6 परिवारों ने आवास, शौचालय, सड़क, नाला, घरौनी सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग रखी।
इस दौरान प्रेमा देवी, शांति देवी, मीरा देवी, लालमणि देवी, चंद्रावती देवी, सोना देवी, शकुंतला देवी, प्रभावती देवी व गंगा जली सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। साथ ही नट समुदाय संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं संयोजक प्रेम नट, साथी सौरभ, राहुल, करण, मीना देवी, नंदनी, नेहा, रिया व ज्योति भी मौजूद रहे।
समिति के अध्यक्ष प्रेम नट ने कहा कि समुदाय की समस्याएं अत्यंत गंभीर हैं, जिस कारण कड़ाके की ठंड में भी लोगों को 7 जनवरी 2026 को तहसील आने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी समुदाय के लोग फरियाद लेकर तहसील आए थे, लेकिन आज भी आवेदन तो लिया गया, पर किसी ठोस कार्रवाई का स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिंडरा तहसील में एसडीएम की अनुपस्थिति में कई बार अधिकारी-कर्मचारी फरियादियों के आवेदन लेने से मना कर देते हैं। समिति ने तहसील प्रशासन, जिलाधिकारी वाराणसी व राज्य सरकार से मांग की कि शिकायत निवारण हेतु किसी जिम्मेदार अधिकारी की स्थायी तैनाती की जाए, ताकि एसडीएम की अनुपस्थिति में भी फरियादियों की समस्याएं सुनी जा सकें।
समिति ने यह भी कहा कि विमुक्त, घुमंतु, अर्ध-घुमंतु, नट, मुसहर एवं दलित समुदाय लंबे समय से घरौनी, आवास, नाला, राशन कार्ड, सड़क व भूमि आवंटन जैसी सुविधाओं की मांग कर रहा है, लेकिन कई बस्तियों में जांच के बजाय लोगों को डराने-धमकाने की शिकायतें मिल रही हैं, जो शासन के निर्देशों के विपरीत है।
प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर शीघ्र समाधान की मांग की गई है, ताकि समाज के हाशिये पर खड़े लोगों को उनका संवैधानिक अधिकार मिल सके।
रॉयल शाइन टाइम्स पेपर के लिए खबर

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