माता सावित्रीबाई फुले जयंती पर विमुक्त घुमंतू समुदाय ने लिया शिक्षा का संकल्प

150 बच्चों को शैक्षिक सामग्री वितरित, सामुदायिक पुस्तकालय की घोषणा

बेलवा, पिंडरा (वाराणसी) | 3 जनवरी 2026 | रॉयल शाइन टाइम्स

उड़ान संगठन एवं नट समुदाय संघर्ष समिति के संयुक्त तत्वावधान में शनिवार को माता सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती के अवसर पर विमुक्त घुमंतू (DNT), अर्ध घुमंतू, नट एवं मुसहर समुदाय द्वारा “शिक्षा संकल्प दिवस” मनाया गया। कार्यक्रम के दौरान वंचित समुदायों के बच्चों को शिक्षित करने और सामाजिक भेदभाव के खिलाफ संगठित संघर्ष का संकल्प लिया गया।

कार्यक्रम के अध्यक्ष एवं संयोजक प्रेम नट ने कहा कि देश में लगभग 15 करोड़ विमुक्त घुमंतू और अर्ध घुमंतू समुदाय आज भी शिक्षा, रोजगार और सम्मान से वंचित हैं। ब्रिटिश काल में इन्हें “जन्मजात अपराधी” घोषित किया गया था, जिसका सामाजिक दंश आज भी ये समुदाय झेल रहे हैं।
उन्होंने माता सावित्रीबाई फुले के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने 1848 में वंचित वर्गों के लिए पहला विद्यालय खोलकर सामाजिक क्रांति की नींव रखी।

साक्षरता की चिंताजनक स्थिति

कार्यक्रम में बताया गया कि DNT-NT समुदाय में साक्षरता दर मात्र 35–40 प्रतिशत है, जबकि नट और मुसहर जैसे समुदायों में यह 15–20 प्रतिशत से भी कम है। घुमंतू जीवन के कारण कई परिवार आज भी जाति प्रमाण पत्र, राशन कार्ड और सरकारी योजनाओं से वंचित हैं।

लिए गए प्रमुख संकल्प

हर बच्चे को शिक्षा से जोड़ना

बेटियों की शिक्षा और महिला सशक्तिकरण

जाति व लिंग आधारित भेदभाव का विरोध

नशा, जुआ और अंधविश्वास से मुक्ति

सरकार से प्रमुख मांगें

DNT-NT आयोग का गठन एवं इदाते आयोग की सिफारिशों का क्रियान्वयन

विशेष छात्रवृत्ति व आवासीय विद्यालय

जाति प्रमाण पत्र की सरल प्रक्रिया

भूमि, आवास व रोजगार की विशेष योजनाएं

पुलिस उत्पीड़न रोकने हेतु सख्त कानून

कार्यक्रम की उपलब्धियां

कार्यक्रम में 150 वंचित बच्चों को कॉपी, किताब, पेन व बैग जैसी शैक्षिक सामग्री वितरित की गई। इसके साथ ही मुसहर बस्ती में माता सावित्रीबाई फुले के नाम पर सामुदायिक पुस्तकालय स्थापित करने की घोषणा की गई। नट और मुसहर महिलाओं ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर भागीदारी की।

मुसहर समुदाय के रामप्रवेश ने कहा, “हम माता सावित्रीबाई के सामने प्रतिज्ञा करते हैं कि अपने हर बच्चे को पढ़ाएंगे।” वहीं नट युवा विजय नट ने कहा कि समुदाय को अपराधी नहीं बल्कि शिक्षित नागरिक के रूप में पहचान दिलाना उनका लक्ष्य है।

कार्यक्रम ओरांव मुसहर बस्ती, खरगपुर मुसहर बस्ती एवं बेलवा नट बस्ती में समुदाय की भागीदारी के साथ संपन्न हुआ और “जय भीम, जय फुले, जय सावित्री माई” के नारों के साथ समाप्त हुआ।

संपर्क:
प्रेम नट
अध्यक्ष एवं संयोजक
उड़ान संगठन एवं नट समुदाय संघर्ष समिति
बेलवा, पिंडरा, वाराणसी

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