रामनगर (चंदौली)।
अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे कथित जबरिया भूमि अधिग्रहण के विरोध में बौद्ध विहार बचाओ संघर्ष मोर्चा के बैनर तले चल रहा अनिश्चितकालीन धरना मंगलवार को 94वें दिन भी जारी रहा। तीन महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद चंदौली जिला प्रशासन की ओर से कोई ठोस पहल न किए जाने से आंदोलनकारियों में रोष व्याप्त है।
मंगलवार को धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे जय भारत समानता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हेमंत कुशवाह ने धरनारत लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि बौद्ध विहार है और हमेशा रहेगा। भगवान बुद्ध की देशनाएं विश्व पटल पर आज भी गूंज रही हैं, लेकिन सरकार ऐसे रमणीक और ऐतिहासिक बौद्ध विहार को उजाड़ने की योजना बना रही है। उन्होंने कहा कि वाराणसी-चंदौली क्षेत्र में ऐसा कोई दूसरा स्थान नहीं है, जो शांति और आत्मिक उन्नति का ऐसा केंद्र हो।
हेमंत कुशवाह ने कहा कि आज के युग में समाज को शांति, सुख और समृद्धि की सबसे अधिक आवश्यकता है, लेकिन लोग उस मार्ग को भूलते जा रहे हैं जिसे भगवान बुद्ध ने अपने मध्यम मार्ग के माध्यम से बताया। बौद्ध विहार निरंतर लोकहित में कार्य करते हुए समाज को अनैतिक कार्यों से दूर रहने और एक स्वस्थ समाज के निर्माण की प्रेरणा देता आ रहा है।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि किसी भी कीमत पर बौद्ध विहार की भूमि का अधिग्रहण स्वीकार नहीं किया जाएगा और आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक सरकार अपना निर्णय वापस नहीं लेती।
धरने में पूज्य भंते बुद्ध ज्योति, विद्याधर मौर्य, वीरेंद्र सिंह मौर्य, मस्तराम मौर्य, सुरेश कुमार, रामजन्म सिंह, लल्लन मौर्य, श्याम सुंदर यादव, बच्चा लाल मौर्य, संतराम मौर्य, चंद्रप्रकाश मौर्य, विनय मौर्य, सतनारायण मौर्य, रामबली, रामसूरत सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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