चौबेपुर, वाराणसी।
क्षेत्र के भगवानपुर–तेतारपुर (गाजीपुर) को जोड़ने वाली गोमती नदी पर वर्षों से लंबित पीपा (प्लाटून) पुल की मांग अब पूरी होने जा रही है। ग्रामीणों की इस बहुप्रतीक्षित मांग को पूर्व सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर समस्या से अवगत कराया, जिसके बाद इस घाट पर प्लाटून पुल निर्माण की स्वीकृति मिल गई।
रविवार को विधान परिषद सदस्य चंचल सिंह ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण स्थल की स्थिति तथा तकनीकी पहलुओं की गहन जांच कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्लाटून पुल के निर्माण से धौरहरा, भगवानपुर, श्रीकंठपुर, राजवारी, चंद्रावती सहित उस पार गाजीपुर जनपद के तेतारपुर, गौरहट, गोरखा समेत दर्जनों गांवों के लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। इससे वाराणसी और गाजीपुर जनपदों के बीच संपर्क और भी सुलभ हो जाएगा।
पुल निर्माण की स्वीकृति मिलने पर धौरहरा, भगवानपुर, कैथी सहित कई गांवों के लगभग 25 लोगों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय से मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. पांडेय ने कहा कि जब वे केंद्रीय मंत्री थे, तभी गोमती नदी पर प्लाटून पुल का प्रस्ताव दे दिया गया था। क्षेत्र की समस्याओं से वे भली-भांति परिचित हैं। विलंब होने पर उन्होंने पुनः मुख्यमंत्री से मिलकर इस मुद्दे को रखा, जिसके परिणामस्वरूप पुल को स्वीकृति मिली।
उन्होंने इसके लिए प्रदेश सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि इस पुल के बन जाने से वाराणसी और गाजीपुर के लोगों का आवागमन सुगम होगा।
धन्यवाद देने वालों में जयप्रकाश पांडेय, मंजीत सिंह, डॉ. राजेश गुप्ता, राजू यादव (प्रधान), सत्येंद्र सिंह, रामलाल पाल, पन्नेलाल निषाद सहित कई प्रमुख ग्रामीण मौजूद रहे।

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