वाराणसी।
DNT यूथ रिसोर्स सेंटर में शनिवार को युवा नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विमुक्त (DNT), दलित एवं मुसहर समुदाय के महिला–पुरुष युवाओं को नेतृत्व क्षमता, संवैधानिक अधिकारों तथा ग्राम पंचायत स्तर पर सक्रिय भागीदारी के लिए सशक्त बनाना रहा।
कार्यशाला में चाकिंदर, विक्रमपुर, बेलवा, खरगपुर, फत्तेपुर, लठिया, पिंडरई सहित विभिन्न गांवों से आए लगभग 50 महिला एवं पुरुष प्रतिभागियों ने सहभागिता की।
कार्यक्रम का संचालन उड़ान संस्था एवं नट समुदाय संघर्ष समिति के अध्यक्ष एवं प्रशिक्षक श्री प्रेम कुमार नट ने किया। प्रशिक्षण सत्र के दौरान उन्होंने विमुक्त समाज के ऐतिहासिक संघर्षों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह समुदाय वर्षों से सामाजिक वंचना का शिकार रहा है और आज भी अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए संघर्षरत है।
श्री नट ने प्रतिभागियों को पंचायती राज अधिनियम के तहत ग्राम सभा और ग्राम पंचायत की भूमिका, नागरिक सहभागिता, पंचायत स्तर पर होने वाले विकास कार्यों तथा उत्तर प्रदेश सरकार की विभिन्न हेल्पलाइन सेवाओं की जानकारी सरल भाषा में दी, जिससे जरूरतमंद लोग समय पर सहायता प्राप्त कर सकें।
इसके साथ ही उन्होंने आदर्श गाँव (Model Village) की अवधारणा को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि आदर्श गाँव वही होता है जहाँ हर परिवार के पास पक्का मकान और शौचालय हो, निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएँ उपलब्ध हों, हर घर में बिजली, स्वच्छ पेयजल व एलपीजी गैस की सुविधा हो, सड़कों की स्थिति बेहतर हो और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित हों।
श्री नट ने युवाओं से अपील की कि वे ग्राम पंचायत की बैठकों में सक्रिय भागीदारी करें, सरकारी योजनाओं की निगरानी करें और सामूहिक प्रयासों से अपने गांवों को आदर्श गाँव बनाने में योगदान दें।
कार्यशाला के समापन पर प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण को उपयोगी और प्रेरणादायक बताते हुए अपने-अपने गांवों में सीखे गए ज्ञान को लागू करने का संकल्प लिया। इसके साथ ही युवा नेतृत्व प्रशिक्षण कार्यशाला का सफलतापूर्वक समापन हुआ।

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