एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: बिटुमिन मिलावट रैकेट का भंडाफोड़, 64 टन अपमिश्रित तारकोल के साथ 6 गिरफ्तार

कासगंज/लखनऊ।
उत्तर प्रदेश में अपमिश्रित पेट्रोलियम पदार्थों की कालाबाजारी के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ ने बिटुमिन (तारकोल) में मिलावट कर अवैध कारोबार करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान 64 टन अपमिश्रित तारकोल, चार टैंकर, भारी मात्रा में मार्बल डस्ट और मिलावट में प्रयुक्त मशीनरी बरामद की गई है।

यह कार्रवाई 20 दिसंबर 2025 को थाना ढोलना क्षेत्र के ग्राम अयड्या में एटीएस स्कूल के पीछे की गई। एसटीएफ को लंबे समय से मथुरा, फिरोजाबाद सहित आसपास के जनपदों में बिटुमिन अपमिश्रण और कालाबाजारी की गोपनीय सूचनाएं मिल रही थीं, जिसके बाद टीम को सक्रिय किया गया।

गिरफ्तार आरोपी

गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान चंद्रपाल, विक्रम, जिग्नेश, उमेश, अविनिश कुमार और महिपाल के रूप में हुई है। वहीं इस मामले में प्रदीप उर्फ राणा, धीरेन्द्र जाट उर्फ धूपेन्द्र सिंह, कमल सिंह और रोहित सिंह को वांछित घोषित किया गया है, जिनकी तलाश जारी है।

मौके से भारी बरामदगी

एसटीएफ ने छापेमारी के दौरान—

4 टैंकरों में भरा लगभग 64 टन अपमिश्रित बिटुमिन

280 बोरी सफेद पाउडर (मार्बल डस्ट)

15 बड़े लोहे के ड्रम

मिक्सर मशीन, अन्य मिलावट उपकरण और एक बड़ा जनरेटर

4 मोबाइल फोन व 18,160 रुपये नकद
बरामद किए हैं।

कैसे चलता था मिलावट का खेल

पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी मथुरा रिफाइनरी से बिटुमिन लेकर निकलने वाले टैंकरों को रास्ते में अपने ठिकानों पर ले जाते थे। वहां बिटुमिन निकालकर उसमें मार्बल डस्ट मिलाई जाती थी, फिर उसी टैंकर में भरकर विभिन्न जिलों में सप्लाई कर दी जाती थी। इस मिलावटी तारकोल से बनी सड़कों की गुणवत्ता बेहद खराब हो जाती थी और थोड़ी बारिश में ही सड़कें उखड़ जाती थीं।

कानूनी कार्रवाई

एसटीएफ के अनुसार यह कृत्य पेट्रोलियम अधिनियम 1934, आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 तथा भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत गंभीर अपराध है। इस संबंध में थाना ढोलना, जनपद कासगंज में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

जनहित में चेतावनी

विशेषज्ञों का कहना है कि बिटुमिन में मार्बल डस्ट मिलाने से सड़कों की मजबूती और टिकाऊपन पूरी तरह खत्म हो जाता है, जिससे सरकारी राजस्व को भारी नुकसान होता है और आम जनता को जान-माल का खतरा बढ़ जाता है।

एसटीएफ ने साफ किया है कि ऐसे संगठित अपराधों के खिलाफ अभियान आगे भी पूरी सख्ती से जारी रहेगा।

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