पिंडरा (वाराणसी)।
तहसील पिंडरा, जनपद वाराणसी में शनिवार को आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर विभिन्न ग्रामों से आए मुसहर, दलित तथा विमुक्त/घुमंतु समुदाय के लोगों ने अपनी प्रमुख जनसमस्याओं को लेकर तहसील प्रशासन के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किए।
इस दौरान ग्राम विकरमपुर, औराव, खरगपुर, बेलवा, लठिया, रतनपुर, सिसवा सहित अन्य गांवों की मुसहर एवं दलित बस्तियों से सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष उपस्थित रहे। लोगों ने आवास, भूमि एवं बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी गंभीर समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
ये रहीं प्रमुख समस्याएँ
ग्रामीणों द्वारा आवेदनों के माध्यम से जिन समस्याओं को रखा गया, उनमें—
आवास की अनुपलब्धता
नाला व जल निकासी की समस्या
घराैनी (आवासीय पट्टा) न मिलना
स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था
शौचालय निर्माण
भूमि पर अवैध कब्जा
महिलाओं ने रखी पीड़ा
मुसहर समुदाय की महिला रन्नो वनवासी ने बताया कि उनकी भूमि पर पटेल समुदाय के लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर लिया गया है, लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
वहीं ननकी वनवासी ने बताया कि उनके पास न तो रहने की भूमि है और न ही पक्का आवास। दबंगों द्वारा उनकी भूमि पर कब्जा कर लिया गया है, जिसकी शिकायत ग्राम प्रधान से करने पर भी कोई संज्ञान नहीं लिया गया।
इसके अलावा जीरा वनवासी, प्रमिला देवी, गीता देवी, चंदा, सितारा, रिंका वनवासी सहित अन्य महिलाओं ने भी भूमि, आवास और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएँ प्रशासन के समक्ष रखीं।
संगठनों की आवाज
नट समुदाय संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रेम कुमार नट ने कहा कि विमुक्त, घुमंतु एवं अर्ध-घुमंतु समुदाय के लोग कई बार तहसील स्तर पर आवेदन दे चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि इन समुदायों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाए और उनके समाधान के लिए ठोस व प्रभावी कार्रवाई की जाए, ताकि ये वर्ग सम्मानपूर्वक विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
सहयोगी संगठन व प्रतिभागी
कार्यक्रम में नट समुदाय संघर्ष समिति एवं उड़ान संगठन के कार्यकर्ताओं ने समुदाय के लोगों को सहयोग प्रदान किया।
इस अवसर पर प्रेम नट, सौरभ, राहुल नट, करण मुसहर, मीना देवी, ज्योति, नेहा सहित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के एमएसडब्ल्यू छात्र मिली राव, निहारिका यादव, मैना सिंह, हर्ष कनौजिया, प्रियंका कनौजिया उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
सम्पूर्ण समाधान दिवस के माध्यम से मुसहर, दलित एवं विमुक्त/घुमंतु समुदाय के लोगों को अपनी समस्याएँ प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिला। विशेष रूप से महिलाओं ने भूमि, आवास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी गंभीर समस्याओं को उजागर किया। सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से शीघ्र, निष्पक्ष और संवेदनशील कार्रवाई की मांग की, ताकि वंचित समुदायों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।

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