“ED के छापे—STF की दबिश… पर हाईकोर्ट ने कहा: ‘अभी गिरफ्तारी नहीं!’”

कफ सिरप तस्करी केस में मुख्य आरोपित शुभम जायसवाल को हाईकोर्ट से बड़ी राहत

कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध तस्करी से जुड़े बहुचर्चित प्रकरण में मुख्य आरोपित शुभम जायसवाल को इलाहाबाद हाईकोर्ट से अस्थायी राहत मिल गई है। अदालत ने 15 दिसंबर तक गिरफ्तारी पर रोक लगाते हुए अगली सुनवाई भी उसी दिन तय की है।

इस केस में शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद, जिन्हें हाल ही में कोलकाता से गिरफ्तार किया गया था, सहित कई आरोपितों ने विभिन्न जिलों में दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग करते हुए याचिका दायर की थी। इसी पर सुनवाई के दौरान अदालत ने यह अंतरिम आदेश दिया।


ईडी की ताबड़तोड़ छापेमारी—कई अहम दस्तावेज बरामद

कफ सिरप तस्करी से जुड़े आर्थिक लेन-देन की जांच करते हुए ईडी ने शुक्रवार को यूपी के कई शहरों में एक साथ छापेमारी की।

सूत्रों के अनुसार:

वाराणसी में शुभम जायसवाल के दो ठिकानों पर छापे के दौरान

कई अहम दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड बरामद किए गए हैं,
जिन्हें अब एजेंसी वित्तीय पैटर्न से जोड़कर जांच रही है।


एसटीएफ की जांच में उजागर हुआ बड़ा नेटवर्क

उधर, यूपी एसटीएफ ने पिछले दिनों सहारनपुर से अभिषेक शर्मा और शुभम शर्मा को गिरफ्तार किया था।
दोनों ने पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए:

वे 25 हजार के इनामी शुभम जायसवाल,
विशाल राणा और विभोर राणा के साथ मिलकर
कोडीनयुक्त कफ सिरप की अवैध सप्लाई चेन चलाते थे।


जांच में सामने आए बड़े बिंदु

फर्जी ई-वे बिलों का इस्तेमाल कर सिरप की खेपें
वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, आगरा सहित कई शहरों में भेजी जाती थीं।

विशाल व विभोर राणा के नेटवर्क के माध्यम से खेपें कई राज्यों तक पहुँचती थीं।

बाद में शुभम ने अपने पिता के नाम पर रांची में एबॉट कंपनी की सुपर स्टॉकिस्टशिप लेकर शिपमेंट को légal दिखाना शुरू किया।

सहारनपुर में पकड़े गए आरोपितों के अनुसार,
कई बड़ी खेपें रांची से सीधे यूपी और हरियाणा के लिए भेजी जाती थीं।


जांच एजेंसियों की अगली दिशा

अब ईडी और एसटीएफ मिलकर—

वित्तीय लेन-देन,

सप्लाई चेन,

और राज्यों में फैले तस्करी नेटवर्क

की गहराई से छानबीन में जुट गई हैं। आने वाले दिनों में और बड़ी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।


रिपोर्ट : विवेक सिंह रिंकू
रॉयल शाइन टाइम्स

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