महापरिनिर्वाण दिवस पर नट व मुसहर समुदाय ने बाबा साहेब को दी श्रद्धांजलि, उड़ान ट्रस्ट ने पूरा किया एक वर्ष का सफर

पिंडरा के बेलवा नट बस्ती स्थित नट समुदाय संघर्ष समिति एवं उड़ान ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य Er. अर्चना पटेल रहीं। बड़ी संख्या में नट, मुसहर एवं दलित समुदाय के लोग शामिल हुए।

उड़ान ट्रस्ट का एक वर्ष पूरा, उपलब्धियों की हुई सराहना
इस अवसर पर उड़ान ट्रस्ट ने बताया कि संस्था ने आज अपना एक वर्ष का सफल और ऐतिहासिक सफर पूरा किया। 06 दिसंबर 2024 को स्थापित ट्रस्ट घुमंतु एवं विमुक्त जनजातियों के अधिकार, शिक्षा, स्वास्थ्य, दस्तावेज़ीकरण और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर लगातार कार्य कर रहा है।
संस्था ने इस वर्ष उत्तर प्रदेश का पहला DNT Youth Resource Center शुरू किया, जिसे समुदाय सशक्तिकरण की दिशा में बड़ी पहल माना जा रहा है।

नट समुदाय संघर्ष समिति का सहयोग
कार्यक्रम में नट समुदाय संघर्ष समिति ने सक्रिय सहयोग दिया। समिति ने समुदाय को संगठित करने, महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने और सामाजिक मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

80 से अधिक महिलाओं ने किया बाबा साहेब का माल्यार्पण
कार्यक्रम की विशेष बात यह रही कि पहली बार नट और मुसहर समुदाय की 80 से अधिक महिलाओं ने एक साथ बाबा साहेब के चित्र पर माल्यार्पण किया और उनके संघर्षों को श्रद्धा से याद किया।

बाबा साहेब के विचारों पर चर्चा
कार्यक्रम का संचालन करते हुए प्रेम कुमार नट ने बाबा साहेब के जीवन संघर्ष, शिक्षा, सामाजिक न्याय और समानता के लिए किए गए योगदान पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने हिंदू कोड बिल, महाड़ सत्याग्रह और महिलाओं के अधिकारों के लिए बाबा साहेब की लड़ाई को याद किया।

मुख्य अतिथि का संबोधन
मुख्य अतिथि Er. अर्चना पटेल ने कहा कि बाबा साहेब ने महिलाओं को मतदान का अधिकार, शिक्षा और सम्मानजनक जीवन का रास्ता दिखाया। उन्होंने समुदाय से अपील की— “पढ़ो, सक्षम बनो और अपने अधिकारों के लिए सजग रहो।”

सौहार्दपूर्ण माहौल में कार्यक्रम का समापन
अंत में अतिथियों व समुदाय के सदस्यों ने जल्पान किया और बाबा साहेब की शिक्षाओं को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम सौहार्द और उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।

उपस्थित लोग:
गीता देवी, उर्मिला मुसहर, जीरा देवी, चम्पा मुसहर, मनरा मुसहर, संकुन्ताला देवी, संतारा मुसहर सहित 80 से अधिक नट व मुसहर समुदाय की महिलाएँ उपस्थित रहीं।
नट समुदाय संघर्ष समिति के प्रतिनिधि: प्रेम कुमार, सौरभ विश्वकर्मा, राहुल कुमार, मीना देवी, कारन मुसहर, नेहा पटेल, ज्योति प्रजापति आदि शामिल रहे।

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