शुभम जायसवाल नेटवर्क पर ‘ग्रैंड क्रैकडाउन’

ED दरवाजे पर पहुंची तो मां जोड़े हाथ, पिता थाईलैंड जाते पकड़ा गया**

उत्तर प्रदेश में प्रतिबंधित कफ सिरप के करोड़ों रुपये के रैकेट के खुलासे के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को वाराणसी में नेटवर्क के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल के ठिकानों पर बड़ी कार्रवाई की। लखनऊ जोन के सहायक निदेशक प्रवीण कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम सुबह प्रहलाद घाट स्थित आवास पहुंची, जहां परिवार का कोई सदस्य मौजूद नहीं था। टीम ने मौके पर नोटिस चस्पा किया।

इसके बाद ED सिगरा स्थित दूसरे आवास पर पहुंची। यहां शुभम की मां मौजूद थीं। अधिकारियों को देखते ही वह फफक पड़ीं और हाथ जोड़कर कार्रवाई रोकने की गुहार लगाई। टीम ने उन्हें व शुभम की बहन को नोटिस रिसीव कराते हुए औपचारिक प्रक्रिया पूरी की। आरोपी शुभम जायसवाल के विदेश भागने की आशंका के बीच उसे 8 दिसंबर को ED लखनऊ कार्यालय में तलब किया गया है। उसके सभी बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं।

इधर, शुभम का पिता भोला प्रसाद जायसवाल थाईलैंड भागने की फिराक में कोलकाता के दमदम एयरपोर्ट से गिरफ्तार हो चुका है। सोनभद्र पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर लेकर वाराणसी ला चुकी है। इससे पहले शुभम के सहयोगी अमित सिंह टाटा और STF से बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।


89 लाख शीशी की अवैध डील, 100 करोड़ का कफ सिरप कारोबार

ED और SIT की संयुक्त जांच में सामने आया है कि शुभम जायसवाल नेटवर्क ने करीब 89 लाख शीशी प्रतिबंधित कफ सिरप की अवैध खरीद-फरोख्त की, जिसकी बाजार कीमत लगभग 100 करोड़ रुपये आंकी गई है। नेटवर्क ने 93 मेडिकल स्टोरों के नाम पर 84 लाख शीशियों की फर्जी बिलिंग दिखाई, जिनमें से अधिकांश मेडिकल स्टोर मौके पर अस्तित्व में ही नहीं मिले।

इतना ही नहीं, सृष्टि फार्मा, शिवम फार्मा, महाकाल मेडिकल स्टोर, निशांत फार्मा और DSA फार्मा जैसी नौ बंद फर्मों के नाम पर भी बड़े पैमाने पर कफ सिरप बेचा गया। जांच में पुष्टि हुई कि ये फर्में सिर्फ कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध व्यापार के लिए बनाई गई थीं।


25 करोड़ की फर्जी बिलिंग का नेटवर्क, बैंक खाते फ्रीज

सोनभद्र SIT को मिली जानकारी के अनुसार, रांची स्थित मेसर्स शैली ट्रेडर्स के माध्यम से काशी, सोनभद्र, भदोही, चंदौली और जौनपुर जिलों में लगभग 25 करोड़ रुपये की नकली बिलिंग कर अवैध कफ सिरप नेटवर्क को मजबूत किया गया। अधिकांश फर्में फर्जी पाई गईं और इनके बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है।

गिरफ्तार भोला जायसवाल ने पूछताछ में स्वीकार किया कि पूरे नेटवर्क को उसका बेटा शुभम संचालित करता था, जबकि वित्तीय लेनदेन की जिम्मेदारी CA विष्णु अग्रवाल के पास थी। SIT अब दोनों से विस्तृत पूछताछ करेगी।

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