वाराणसी। सिंधोरा थाना क्षेत्र के भदेवली गांव निवासी धर्मेंद्र पुत्र कांता पर मंगलवार देर शाम अज्ञात हमलावरों ने रास्ता रोककर हमला कर दिया। मारपीट में धर्मेंद्र गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोप है कि सुबह 10 बजे से वह न्याय की गुहार लेकर थाने में बैठे हैं, लेकिन शाम 3 बजे तक न तो उनका मेडिकल कराया गया है और न ही किसी प्रकार की कार्रवाई हुई है।
घटना से जुड़ा एक प्रार्थना पत्र भी पीड़ित ने पुलिस को दिया है, जिसमें 2 दिसंबर की सुबह ट्रैक्टर को लेकर हुए विवाद का जिक्र है। धर्मेंद्र ने बताया कि उनकी पत्नी पूजा देवी और भाई विनोद का गांव के ही राजकुमार व रातोराम परिवार से झगड़ा हुआ था। इसी रंजिश में शाम तक जान से मारने की धमकी भी दी गई थी।
धर्मेंद्र का कहना है कि रात करीब 8:30 बजे जब वह काम से लौट रहे थे, तो बलवन्तपुर से आगे सुखा स्कूल के पास 5–6 लोगों ने उन्हें घेर लिया। गाली-गलौज करते हुए हमलावरों ने लाठी और हॉकी से उन पर ताबड़तोड़ हमला किया, जिसमें उन्हें गंभीर चोटें आईं। हमलावर जाते समय दोबारा जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए।
पीड़ित का आरोप है कि सूचना मिलने पर प्रशासन मौके पर पहुंचा, लेकिन कार्रवाई के नाम पर अभी तक कुछ नहीं हुआ। थाने में करीब पांच घंटे से बैठा घायल युवक न्याय और मेडिकल परीक्षण के लिए भटक रहा है।
ग्रामीणों ने कहा कि पुलिस की लापरवाही से पीड़ित की पीड़ा और बढ़ रही है। उन्होंने तत्काल कानूनी कार्रवाई और इलाज की व्यवस्था कराने की मांग की है।

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