शिवपाल यादव के वाराणसी आगमन पर कार्यकर्ताओं की अफरातफरी — सपा का ‘उत्साह’ बना अव्यवस्था का कारण, सर्किट हाउस का शीशा टूटा, पुलिस पहुंची मौके पर

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव के वाराणसी आगमन पर रविवार को सपा कार्यकर्ताओं का उत्साह इस कदर हावी हो गया कि सर्किट हाउस परिसर अफरातफरी के माहौल में बदल गया।

शिवपाल यादव जैसे ही सर्किट हाउस पहुंचे, सैकड़ों की संख्या में जुटे कार्यकर्ता बेकाबू होकर मुख्य द्वार के अंदर घुसने लगे। धक्का-मुक्की के बीच सर्किट हाउस के मेन गेट का शीशा टूट गया। यही नहीं, परिसर में रखे कुछ अन्य सामान भी क्षतिग्रस्त हो गए।

दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले जब शिवपाल यादव वाराणसी आए थे, तब भी सर्किट हाउस का यही शीशा टूटा था — जो अब एक बार फिर सपा कार्यकर्ताओं की अव्यवस्था और अनुशासनहीनता का प्रतीक बन गया है।

अव्यवस्थित भीड़, कमजोर प्रबंधन

घटना के बाद पुलिस टीम तत्काल सर्किट हाउस पहुंची और वहां तैनात कर्मचारियों से पूछताछ शुरू की। सूत्रों के अनुसार, कार्यक्रम को लेकर स्थानीय सपा इकाई की ओर से कोई ठोस प्रबंधन या नियंत्रण व्यवस्था नहीं की गई थी, जिसके चलते भीड़ अनियंत्रित हो गई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सर्किट हाउस प्रशासन ने शीशा टूटने और संपत्ति क्षति की समीक्षा की।

जनता के बीच उठे सवाल — “क्या यही है सपा का अनुशासन?”

स्थानीय नागरिकों और राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं में अनुशासन की कमी है। “लोकतांत्रिक उत्साह और भीड़ का जोश — अगर अव्यवस्था में बदल जाए तो वह पार्टी की साख पर असर डालता है,” एक स्थानीय नागरिक ने कहा।

कई लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि पार्टी नेतृत्व को अपने कार्यक्रमों में ऐसी अराजक स्थितियों से बचने के लिए स्पष्ट प्रबंधन रणनीति बनानी चाहिए।

मौके पर मौजूद पुलिस ने की जांच-पड़ताल

घटना के बाद वाराणसी पुलिस की टीम सर्किट हाउस पहुंची और कर्मचारियों से विस्तृत जानकारी ली।

सपा का यह “उत्साही स्वागत” अब अव्यवस्थित आयोजन है। यह घटना एक बार फिर इस बात की याद दिलाती है कि राजनीतिक जोश, अगर अनुशासन की सीमा लांघ जाए, तो लोकतंत्र की मर्यादा को ठेस पहुंचती है।

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