मिशन शक्ति’ की नई उड़ान: सिंधोरा थाने की जांबाज ‘नारी शक्ति’,लेडी सब इंस्पेक्टर दीप्ति शर्मा और कांस्टेबल संध्या पाण्डेय बनीं प्रेरणा

महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए चलाए गए जागरूकता अभियान को मिली अभूतपूर्व सफलता, पुलिस ने सीधे संवाद से जीता भरोसा

वाराणसी सिंधोरा थाना क्षेत्र में, ‘मिशन शक्ति 5.0’ के तहत चलाए जा रहे महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण अभियान को लेडी सब इंस्पेक्टर दीप्ति शर्मा और महिला कांस्टेबल संध्या पाण्डेय के नेतृत्व में एक अभूतपूर्व गति मिली है। थाना प्रभारी निरीक्षक ज्ञानेंद्र कुमार त्रिपाठी के निरंतर प्रोत्साहन और मार्गदर्शन में, इस ‘सशक्तिकरण मिशन’ जनता में सीधे आम logon के बीच अपनी पैठ बनाई है, जिससे महिलाओं और बालिकाओं में जागरूकता का एक नया संचार हुआ है।
दीप्ति शर्मा का प्रभावी नेतृत्व और ज़मीनी संवाद
हाल ही में, महिला सुरक्षा केंद्र में आयोजित एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम ने अभियान के केंद्र बिंदु को उजागर किया। इस कार्यक्रम का संचालन स्वयं लेडी सब इंस्पेक्टर दीप्ति शर्मा ने किया। अपने सहज और स्पष्ट संवाद के माध्यम से, उन्होंने महिलाओं और स्कूली छात्राओं को उनके कानूनी अधिकारों और आत्म-सुरक्षा के महत्व के बारे में न केवल जागरूक किया, बल्कि उन्हें भयमुक्त होकर जीवन जीने के लिए प्रेरित भी किया।
दीप्ति शर्मा और उनकी टीम ने ज़ोर देकर बताया कि पुलिस प्रशासन हर मुश्किल में उनके साथ खड़ा है और किसी भी तरह की परेशानी या उत्पीड़न को सहन करने की ज़रूरत नहीं है।
जन-जन तक पहुँचीं महत्वपूर्ण योजनाएं और हेल्पलाइन
अभियान के मुख्य आकर्षण निम्नलिखित रहे:

  • तत्काल सहायता के लिए हेल्पलाइन: विषम परिस्थितियों में तुरंत मदद प्राप्त करने के लिए ज़रूरी हेल्पलाइन नंबरों की विस्तृत जानकारी दी गई। महिलाओं को 1090, 112, 181 जैसी आपातकालीन सुविधाओं का सही उपयोग करने का तरीका समझाया गया।
  • सरकारी योजनाओं का प्रचार: केंद्र और राज्य सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और अन्य कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसका उद्देश्य महिलाओं को शैक्षणिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर आत्मनिर्भर बनाना था।
    कांस्टेबल संध्या पाण्डेय ने अपनी सक्रिय भागीदारी से महिलाओं के बीच एक सकारात्मक और भरोसेमंद माहौल स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने व्यावहारिक उदाहरणों से समझाया कि किस प्रकार महिलाएं इन सुविधाओं का लाभ उठा सकती हैं।
    पूरी टीम की सक्रिय भूमिका
    इस मिशन की सफलता केवल दो अधिकारियों तक सीमित नहीं रही। टीम में सुरक्षा केंद्र प्रभारी विक्रम सिंह, और महिला कांस्टेबल पूनम यादव ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
    सिंधोरा थाने की इस पहल को क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है। लेडी सब इंस्पेक्टर दीप्ति शर्मा और कांस्टेबल संध्या पाण्डेय ने अपनी लगन और संवेदनशीलता से यह साबित कर दिया है कि पुलिसिंग केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक बदलाव और सशक्तिकरण का एक प्रभावी माध्यम भी बन सकती है।

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