गोरखपुर। गोरखनाथ मंदिर में दशहरे के पावन अवसर पर परंपरागत विजयादशमी उत्सव धूमधाम से आरंभ हुआ। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु गोरक्षनाथ की विशिष्ट पूजा-अर्चना कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस दौरान मंदिर परिसर में प्रतिष्ठित सभी देव-विग्रहों का पूजन-वंदन किया गया, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा।
पूरे परिसर में नागफनी, शंख, ढोल, घंट और डमरू की गूंज से नाथपंथ की परंपरा जीवंत हो उठी। सुबह से ही भक्तों और शिष्यों का मंदिर में आना-जाना जारी रहा।
दिनभर के प्रमुख आयोजन:
सुबह: गोरक्षपीठाधीश्वर द्वारा श्रीनाथजी (गुरु गोरक्षनाथ) का विशेष पूजन।
दोपहर 1 बजे: दिग्विजयनाथ सभागार में तिलकोत्सव, जिसमें योगी आदित्यनाथ शिष्यों व भक्तों को आशीर्वाद देंगे।
शाम 4 बजे: मंदिर परिसर से विजय शोभायात्रा की शुरुआत। मुख्यमंत्री योगी विजयरथ पर सवार होकर शोभायात्रा का नेतृत्व करेंगे। शोभायात्रा मानसरोवर मंदिर पहुंचेगी, जहाँ देवाधिदेव महादेव समेत सभी देव-विग्रहों की पूजा होगी।
रामलीला मैदान: भगवान श्रीराम का राजतिलक किया जाएगा। योगी आदित्यनाथ राम, सीता, लक्ष्मण और हनुमानजी की आरती उतारेंगे और मंच से जनता को संबोधित करेंगे।
देर रात: पात्र पूजा का आयोजन होगा, जिसमें गोरक्षपीठाधीश्वर बतौर दंडाधिकारी संतों के विवाद का प्रतीकात्मक समाधान करेंगे और संतगण उनकी पूजा करेंगे।
कार्यक्रम के समापन पर गोरखनाथ मंदिर में सहभोज का आयोजन भी होगा।

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