प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पद्मविभूषण पंडित छन्नूलाल मिश्र के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पंडित मिश्र जी का जाना भारतीय संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पंडित मिश्र ने जीवनभर कला और संस्कृति को समर्पित किया तथा बनारस घराने की संगीत परंपरा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया।
उन्होंने काशी की परंपराओं और उत्सवों को अपने स्वरों और गीतों से समृद्ध किया। मणिकर्णिका घाट की होली से लेकर सावन की कजरी तक, उनका संगीत काशी की आत्मा में सदा गूंजता रहेगा।
प्रधानमंत्री ने लोकगायन की महत्वपूर्ण विधाओं को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए उनके योगदान की सराहना की।
अपने व्यक्तिगत अनुभव साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि कई अवसरों पर उन्हें पंडित मिश्र से मिलने का सौभाग्य मिला। 2014 के चुनाव में पंडित मिश्र उनके प्रस्तावक बने थे, यह स्मरण करते हुए उन्होंने कहा कि काशी के प्रति उनका आत्मीय भाव अद्वितीय था।
उन्होंने यह भी कहा कि काशी के विकास और परंपराओं पर पंडित मिश्र ने उन्हें कई बार महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे। प्रधानमंत्री ने गांधी जयंती के अवसर पर याद किया कि पंडित मिश्र महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर उनके आवास पधारे थे, जिसकी स्मृति आज भी जीवंत है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यद्यपि पंडित मिश्र जी अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन भारत का हर संगीत प्रेमी उनके जीवन से प्रेरणा लेता रहेगा और काशी हर उत्सव में उनके भजनों से उन्हें स्मरण करती रहेगी। उन्होंने शोक-संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए प्रार्थना की कि बाबा विश्वनाथ उन्हें अपने चरणों में स्थान दें और उनके शुभचिंतकों को इस कठिन घड़ी में संबल प्रदान करें।

More Stories
ड्यूटी के बाद रंगों में सराबोर हुई वाराणसी पुलिस, पुलिस लाइन में हर्षोल्लास के साथ मनाई गई होली
वरुणा पार को बड़ी राहत: अब शिवपुर स्टेशन पर रुकेगी वरुणा एक्सप्रेस
रंगों के साथ जाम का भी जोर: होली पर काशी में 27 करोड़ की शराब बिक्री