वाराणसी पुलिस ने गौ-तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क पर एक और बड़ी चोट की है। ₹25,000 का इनामी कुख्यात गौ-तस्कर गोविन्द सिंह को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। गोविन्द सिंह पर 9 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं और यह लंबे समय से पुलिस की वांछित सूची में शामिल था।
मुठभेड़ का घटनाक्रम
मुखबिर की सूचना पर थाना बड़ागाँव व थाना फूलपुर की संयुक्त पुलिस टीम ने वरुणा पुल, रामेश्वर के पास दबिश दी। घेराबंदी के दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर अस्पताल भेजा गया। मौके से पुलिस ने एक देसी तमंचा, एक जीवित कारतूस और एक खोखा कारतूस बरामद किया।
गौ-तस्करी नेटवर्क का खुलासा
पूछताछ में आरोपी ने गौ-तस्करी के बड़े नेटवर्क की जानकारी दी, जो पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर बिहार और पश्चिम बंगाल तक फैला हुआ है।
- यूपी से गायों को ₹500-600 में खरीदा/चुराया जाता है
- बिहार के मेलों में ₹10,000 तक बेचा जाता है
- बंगाल पहुँचने पर कीमत और भी बढ़ जाती है
गोविन्द सिंह ने एक “स्पॉटर” के रूप में शुरुआत की थी और बाद में ट्रांसपोर्टर की भूमिका निभाते हुए पूरा नेटवर्क खड़ा कर लिया। उसके भाई राजू सिंह पर भी गौ-तस्करी के मामले दर्ज हैं और वह जेल में है।
अपराधिक पृष्ठभूमि
गोविन्द सिंह पर गौवध निवारण अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम, गैंगस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट और बीएनएस की धाराओं में 9 मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस की रणनीति
गोमती ज़ोन पुलिस ने बताया कि गौ-तस्करी का यह नेटवर्क बेहद संगठित और लाभकारी है। इस गैंग से जुड़े अन्य अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार अभियान चलाया जाएगा।

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