वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर वाराणसी पहुंचे। सर्किट हाउस सभागार में हुई उच्चस्तरीय बैठक में सीएम ने प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ बाढ़ की स्थिति, कानून-व्यवस्था और विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि –
- “बाढ़ पीड़ितों को प्राथमिकता पर राहत सामग्री और उनकी बुनियादी जरूरतें उपलब्ध कराई जाएं।”
- “सरकारी अस्पतालों में दलालों और प्रोफेशनल ब्लड डोनरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए।”
- “सड़क और ड्रेनेज कार्य मानक के अनुरूप हों, ताकि जलजमाव की स्थिति न बने।”
- “अवैध कब्जा करने वाले दबंगों और खाद की कालाबाजारी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो।”
- “बीमार गोवंश का तुरंत इलाज सुनिश्चित करें और आवारा पशुओं की समस्या का समाधान करें।”
योगी ने कहा कि 66 बड़ी परियोजनाएं, जिनकी कीमत करीब 15,000 करोड़ रुपए है, समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरी की जाएं। रिंग रोड फेज-2 जनवरी 2026 तक और कज्जाकपुरा फ्लाईओवर नवंबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य है।
उन्होंने पुलिस अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अपराधियों में पुलिस का भय स्पष्ट दिखना चाहिए और फुट पेट्रोलिंग, CCTV निगरानी और त्वरित कार्रवाई हर हाल में सुनिश्चित हो।
साथ ही, मॉरीशस के प्रधानमंत्री के प्रस्तावित आगमन के मद्देनज़र सुरक्षा और स्वागत से जुड़ी सभी तैयारियां समय पर पूरी करने का निर्देश भी दिया।
बैठक में श्रम मंत्री अनिल राजभर, स्टाम्प मंत्री रविन्द्र जायसवाल, आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, मेयर अशोक तिवारी, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल समेत कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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