वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में जन्माष्टमी का जश्न इस बार भक्ति भाव के बजाय विवादों में घिर गया। परंपरागत भजन-कीर्तन और आध्यात्मिक माहौल की जगह कैंपस में देर रात तक भोजपुरी गीतों की गूंज सुनाई दी। छात्रों का यह आयोजन जहां कुछ के लिए मनोरंजन का जरिया रहा, वहीं कई लोगों ने इसे शिक्षा के मंदिर की गरिमा के विपरीत बताया।
कोलाहलपूर्ण संगीत और डांस की वजह से माहौल पूरी तरह बदल गया और सोशल मीडिया पर वीडियो सामने आने के बाद यह चर्चा का विषय बन गया है। आलोचकों का कहना है कि जिस स्थान की पहचान शिक्षा और संस्कृति से है, वहां इस तरह का आयोजन पंडित मदन मोहन मालवीय जी की परिकल्पना को ठेस पहुंचाता है।
सवाल यह उठ रहा है कि क्या विश्वविद्यालय परिसर में धार्मिक पर्वों को उत्सव की जगह मनोरंजन का साधन बना दिया जा रहा है?
BHU अड्डा Banaras Hindu University – Varanasi Banaras Hindu University

More Stories
वार्षिकोत्सव में निपुण व मेधावी छात्र हुए सम्मानित
मीरजापुर में वन्यजीव तस्करी का भंडाफोड़
योगी सरकार का बड़ा फैसला: सभी कैंटोनमेंट अस्पतालों में मिलेगा आयुष्मान योजना का लाभ