अपने उद्बोधन में देवधर ने भारतीय सेना के पराक्रम और साहस की सराहना की। उन्होंने कहा कि 26 जुलाई को पूरे देश में कारगिल विजय दिवस मनाया जाता है। यह दिवस 1999 में भारतीय सेना की शौर्यगाथा और अदम्य साहस की स्मृति में समर्पित है। इस दिन भारत ने पाकिस्तानी घुसपैठियों को हराकर कारगिल की ऊंचाइयों पर ऐतिहासिक विजय प्राप्त की थी।
देवधर ने बताया कि कारगिल युद्ध में भारतीय सेना ने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में लड़ते हुए दुश्मन को पीछे हटने पर मजबूर किया। टाइगर हिल, तोलोलिंग और प्वाइंट 4875 जैसी चोटियों पर विजय ने सेना के अद्वितीय पराक्रम का प्रमाण दिया।
उन्होंने कहा कि इस दिन राष्ट्र अपने वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करता है। साथ ही उन जांबाज सैनिकों का सम्मान करता है जिन्होंने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। कारगिल विजय दिवस हर भारतीय को देशभक्ति, एकता और बलिदान का संदेश देता है।
कार्यक्रम में कैंट के विधायक सौरभ श्रीवास्तव, पूर्व विधान परिषद सदस्य केदारनाथ सिंह, माय होम इंडिया के प्रदेश संयोजक स्वतंत्र बहादुर सिंह भी उपस्थित थे। इसके अलावा दिल्ली विश्वविद्यालय के शोधार्थी संजीव सिंह और काशी हिंदू विश्वविद्यालय के शोधार्थी सुयज्ञ राय भी मौजूद रहे। समारोह में सैकड़ों अवकाश प्राप्त कर्नल, ब्रिगेडियर और छात्र-छात्राओं ने भी भाग लिया।

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