न्याय की आस में बुजुर्ग की मौत, अब पुत्र लगा रहा है तहसील का चक्कर

पिंडरा।
जिलाधिकारी न्यायालय में 6 वर्षों से लंबित है नक्शा संशोधन वाद तहसील प्रशासन की लापरवाही से न्याय अधूरा पड़ा। स्थिति यह है कि न्याय की आस में फरियादी की मौत हो चुकी है।
बताते है कि तहसील क्षेत्र के काशीपुर निवासी रामाश्रय द्वारा 11 अप्रैल 2019 को जिलाधिकारी न्यायालय में धारा 30 के अंतर्गत नक्शा संशोधन हेतु एक वाद दाखिल किया गया । जिलाधिकारी न्यायालय ने इस पर संज्ञान लेते हुए तहसील प्रशासन को जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश जारी किया ।
किन्तु छह वर्ष बीत जाने के बाद भी न तो जांच रिपोर्ट प्रस्तुत की गई और न ही वाद की कोई सुनवाई हो सकी। पीड़ित पक्ष द्वारा बारंबार पैरवी करने के बावजूद तहसील प्रशासन की उदासीनता और लापरवाही के कारण वाद आज भी लंबित पड़ा है। जबकि वादी की दो वर्ष पूर्व मौत भी चुकी है। अब उसका परिवार न्याय के लिए तहसील के चक्कर काट रहा है। नायब तहसीलदार द्वारा अब यह कहकर मामले से पल्ला झाड़ा जा रहा है कि फाइल मौजूद नहीं है।
मृत रामाश्रय पांडेय के पुत्र रत्नेश पांडेय ने बताया कि नायब तहसीलदार द्वारा आजकल में रिपोर्ट लगाने की बात कह कर दौड़ाया जा रहा है।

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