वाराणसी की ट्रैफिक समस्या को लेकर मोहित अग्रवाल का यह प्लान काफी सख्त और सिस्टमेटिक नजर आता है। इसे अगर सही तरीके से लागू किया गया, तो शहर में जाम की समस्या में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।
RTC स्कीम क्या है और क्यों अहम है?
Reducing Traffic Congestion (RTC) Scheme का मुख्य उद्देश्य शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक को सुचारू, सुरक्षित और बाधारहित बनाना है। वाराणसी जैसे भीड़भाड़ वाले शहर में यह पहल बेहद जरूरी मानी जा रही है।
RTC स्कीम के मुख्य बिंदु
10 प्रमुख मार्गों पर विशेष निगरानी
हर रूट पर T.I./T.S.I. स्तर के रूट मार्शल तैनात
पुलिस आयुक्त द्वारा स्वयं निरीक्षण
जाम होने पर सीधी जवाबदेही तय
रूट मार्शल की जिम्मेदारियां
पीक टाइम में ट्रैवल टाइम कम कराना
सड़क किनारे खड़े वाहनों को हटवाना
रोजाना रिपोर्टिंग और समस्या समीक्षा
नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई
थाना प्रभारियों को क्या करना होगा?
अतिक्रमण हटाकर सड़कें साफ रखना
ऑटो, ई-रिक्शा, बस यूनियनों से समन्वय
स्कूल/कॉलेज में पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करना
सड़क पर अवैध पार्किंग पर रोक
5E फॉर्मूला से ट्रैफिक कंट्रोल
Education & Awareness – लोगों को जागरूक करना
Enforcement – नियम तोड़ने पर सख्ती
Engineering & Technology – टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल
Encroachment Removal – अतिक्रमण हटाना
E-Rickshaw Regulation – ई-रिक्शा का नियंत्रण
सख्त चेतावनी
किसी भी हालत में जाम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा
जाम लगने पर संबंधित अधिकारी पर तत्काल कार्रवाई
खराब व्यवस्था मिलने पर चौकी/थाना प्रभारी और रूट मार्शल जिम्मेदार
खास फोकस
सभी अधिकारी लगातार फील्ड में सक्रिय रहेंगे
राजघाट पुल पर QRT टीम तैनात रहेगी, ताकि तुरंत कार्रवाई हो सके
निष्कर्ष
यह प्लान सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं दिखता—इसमें जवाबदेही, निगरानी और सख्ती तीनों शामिल हैं। अगर जमीनी स्तर पर ठीक से लागू हुआ, तो वाराणसी में रोज लगने वाले जाम से काफी हद तक राहत मिल सकती है।