वाराणसी। विश्व प्रसिद्ध संकट मोचन संगीत समारोह की चौथी निशा भक्ति और संगीत के अद्भुत संगम की साक्षी बनी। भजन सम्राट अनूप जलोटा ने अपनी मधुर वाणी से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
संकट मोचन हनुमान मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा। जैसे ही अनूप जलोटा मंच पर पहुंचे, पूरा वातावरण “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा।
“काशी आकर बैटरी चार्ज होती है”
मंच से अनूप जलोटा ने कहा कि वह इस पावन नगरी में आकर अपनी “बैटरी चार्ज” करने आते हैं। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का उल्लेख करते हुए नरेंद्र मोदी की भूमिका की सराहना की और उस क्षण को भावुक कर देने वाला बताया।
इन भजनों पर झूम उठे श्रद्धालु
कार्यक्रम की शुरुआत उनके चर्चित भजन—
“काशी बदली, अयोध्या बदली, अब मथुरा की बारी है…” से हुई, जिस पर पूरा परिसर तालियों और भक्ति में डूब गया।
इसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी—
“जय बजरंग बली बोलो…”
“मेरे मन में राम, तन में राम…”
“दुनिया चले न राम के बिना…”
“राम नाम रटते रहो…”
“नाम हरी का जप ले बंदे…”
“हरी बोल हरि बोल…”
“मुकुंद माधव गोविंद बोल…”
अंत में उनके सदाबहार भजन “ऐसी लागी लगन, मीरा हो गई मगन” ने श्रद्धालुओं को पूरी तरह भक्ति रस में सराबोर कर दिया।
भक्ति और संगीत का अद्भुत संगम
पूरे कार्यक्रम के दौरान श्रोता भजनों के साथ संकीर्तन करते नजर आए। काशी की इस आध्यात्मिक रात में संगीत और श्रद्धा का अनुपम संगम देखने को मिला, जिसने हर किसी के मन को भक्ति भाव से भर दिया।